23/09/2022
देश मौसम

भोपाल में 2 घंटे में 3 इंच बारिश, अजमेर में 11 साल का रिकॉर्ड टूटा : देश के 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मानसून को लेकर अच्छी खबर है। मौसम विभाग ने कहा है कि देश में जुलाई में 94% से 106% के बीच औसत बारिश होने की संभावना है। इधर, जुलाई के पहले दिन राजस्थान के सीकर, चुरू और अजमेर और महाराष्ट्र के मुंबई में झमाझम बादल बरसे। वहीं, मध्य प्रदेश के भोपाल में दो घंटे में 3.2 इंच पानी गिरा। पूरे जून में इतनी बारिश नहीं हुई, जितनी एक दिन में हो गई। मौसम विभाग ने आज भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून देरी से पहुंचा, लेकिन जुलाई के पहले दिन से सभी जगह जोरदार बारिश शुरू हो गई है। कहीं किसानों को फायदा होता नजर आ रहा है, तो कहीं से बाढ़ और बर्बादी की तस्वीरें भी सामने आई हैं। एक नजर डाल लेते हैं चुनिंदा राज्यों में मानसून के हालात पर…

मध्य प्रदेश: भोपाल में एक दिन में 3.2 इंच बारिश
मध्य प्रदेश में मानसून की बारिश के हालात देखें तो सबसे तेज बारिश भोपाल में हुई, यहां दो घंटे में ही 3.2 इंच पानी गिर गया। 24 घंटे में शुक्रवार दोपहर तक नर्मदापुरम में 5.5 इंच, बैतूल में 5 इंच, देवास, सीहोर में 4.5-4.5 इंच, उज्जैन, अशोकनगर, मंदसौर 3-3 इंच पानी गिर चुका था। नर्मदापुरम् के तवा डैम में 30 घंटे में 5 फीट पानी बढ़ा। इसके अलावा बैतूल के सतपुड़ा डैम से भी पानी छोड़ने के कारण जलस्तर बढ़ा।

बारिश से सागर में धसान नदी उफान पर आ गई। बंडा ब्लॉक के बरायठा इलाके में परसुवां गांव से लगे जंगल में बकरियां चराने गए तीन चरवाहे नदी में फंस गए। वे गुरुवार रातभर नदी के दूसरी तरफ फंसे रहे। शुक्रवार को उन्हें 15 बकरियों समेत रेस्क्यू कर निकाला गया।

राजस्थान: अजमेर में 11 साल बाद जुलाई में 4 इंच बारिश
प्रदेश में 8 दिन देर से पहुंचा मानसून तेजी पर है। शुक्रवार काे चूरू के राजगढ़, झुंझुनूं, सीकर, अजमेर में सड़कें लबालब हाेने से बाढ़ जैसे हालात बन गए। अजमेर में शुक्रवार को 4 इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। पिछले 11 साल में जुलाई महीने में अजमेर में हुई यह सर्वाधिक बरसात है। बारिश के बाद अजमेर शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया।

अजमेर के अलावा नागौर, भीलवाड़ा, कोटा, अलवर, टोंक, जोधपुर समेत अन्य कई जिलों में अच्छी बरसात हुई। मौसम विभाग के अनुसार 3-4 दिन पूरे राज्य में मानसून सक्रिय रहेगा। जयपुर में कुछ जगह भारी या अति भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में रविवार से बारिश में कमी आएगी।

बिहार: बिजली गिरने से 3 दिन में 26 लोगों की जान गई
उत्तर बिहार के अधिकांश हिस्से में 40 एमएम से अधिक बारिश हो रही है। जबकि, दक्षिण हिस्से में तीन से 30 एमएम तक बारिश हुई। बीते 3 दिनों की बारिश ने पूरे महीने का कोटा पूरा कर लिया। बीते 72 घंटे की बारिश ने बाढ़ के हालात बना दिए। राज्य के 11 जिले बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल, पश्चिम चंपारण, सीवान, सारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज में शनिवार को जोरदार बारिश की संभावना है।

बीते तीन दिन में बिजली गिरने से 26 जानें चली गई हैं। बुधवार के दिन 16 लोगों ने जान गंवाई थी। वहीं गुरुवार को 5 लोग वज्रपात के शिकार हो गए थे। शुक्रवार को 5 लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी के परिजनों को 4 लाख रुपए मुआवजा देने की बात कही है।

UP में पहुंचा मानसून, लेकिन तेज बारिश के लिए इंतजार
राजधानी लखनऊ के कुछ इलाकों में शनिवार सुबह 9 बजे छिटपुट बूंदाबांदी हुई। आज पूर्वांचल और पश्चिम के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार चाइना सागर में आए साइक्लोन की वजह से शुक्रवार को भी यूपी में बेहद कम बारिश दर्ज की गई।4 जुलाई से यूपी में फिर झमाझम बारिश शुरू होगी।

दिल्ली: जुलाई की आधी बारिश एक दिन में
दिल्ली में मानसून ने गुरुवार को दस्तक दी। गुरुवार सुबह 8.30 बजे से बारिश शुरू हुई, जो शुक्रवार सुबह 8.30 बजे तक जारी रही। मौसम विभाग के डेटा के मुताबिक, इन 24 घंटों में दिल्ली में 117.2 मिमी बारिश हुई। दिल्ली में औसतन 210.6 मिमी बारिश दर्ज की जाती है। यानी एक ही दिन में दिल्ली में जुलाई की आधी बारिश हो गई। इससे सड़कें पानी में डूब गईं और कई जगह गाड़ियां फंस गईं।

छत्तीसगढ़: जून में 27% कम हुई बारिश
इस बार छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में मानसून की एंट्री का महीना जून सूखा गुजरा है। औसत निकाला जाए तो जून के महीने में जितनी बारिश होती है, जून में उससे 27 फीसदी कम बारिश हुई है। लेकिन कई जिलों में बारिश इतनी कम है कि सूखे जैसे हालात होने लगे है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में एक-दो जगहों पर ही भारी बारिश हो सकती है, जबकि राज्य के शेष हिस्सों में हल्की से मध्यम या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की ही संभावना है। प्रदेश में 19 जून को मानसून आया। इसके बाद से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं, लेकिन एक बार भी मूसलाधार बारिश कहीं नहीं हुई है। यही वजह है कि प्रदेश के ज्यादातर जिलों मं जून के महीने में अब तक औसत से कम बारिश हुई है।

पंजाब के कुछ हिस्सों में गुरुवार को मानसून पहुंच गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शुक्रवार तक यह पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा। आने वाले दिनों में राज्य में भारी बारिश की संभावना है। शुक्रवार को अमृतसर सहित प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश होने के आसार हैं। बारिश का यह सिलसिला 6 जुलाई तक जारी रहेगा।

11 राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब-हरियाणा में कहीं-कहीं मध्यम, तो कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, पूर्वी राजस्थान, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक और उत्तरी केरल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है।

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