08/02/2023
देश राजनीति

गुजरात में AAP को 12.9% वोट; कांग्रेस के 15% घटकर 27.3% हुए, सीटें 60 घटीं : राज्यों में कांग्रेस का गणित बिगाड़ सकती है आप

आम आदमी पार्टी ने भाजपा के गढ़ गुजरात में एंट्री के साथ ही 12.9% वोट हासिल कर इस बार कांग्रेस का पूरा गणित बिगाड़ दिया है। पिछले चुनाव में 42.2% वोट के साथ 77 सीट हासिल करने वाली कांग्रेस सिर्फ 17 सीट (27.3% वोट) पर सिमट गई। इससे कांग्रेस गुजरात में अपने इतिहास के न्यूनतम और भाजपा रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई।

आप ने दिल्ली, पंजाब और दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस को मुकाबले से बाहर करने के बाद यह सबसे बड़ा उलटफेर किया है। अब यह संभावना तेज हो गई है कि स्थापना के महज नौ साल में राष्ट्रीय पार्टी का तमगा हासिल करने वाले केजरीवाल अगले साल नवंबर में मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में दमदारी से उतरेंगे। ऐसा हुआ तो इन राज्यों में कांग्रेस के वोट कटने का नुकसान भाजपा के लाभ के रूप में दर्ज हो सकता है।

आप की नजर MP, राजस्थान और छत्तीसगढ़ पर
मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में अभी मुख्य तौर पर भाजपा और कांग्रेस में ही मुकाबला है। बसपा तीसरी राष्ट्रीय पार्टी होने के बाद भी इन राज्यों में बेहद सीमित है। अन्य क्षेत्रीय दल बहुत ही छोटे हैं। आप का गेम प्लान यही है कि वह अभी इन चुनावों में अपना वोट बैंक और कुछ सीटें खड़ी करना चाहती है, ताकि उसकी कई राज्यों में मौजूदगी हो जाए।

भाजपा-कांग्रेस के अलावा आप के पास दो राज्यों में सरकार
पार्टी के सूत्र कहते हैं कि वे अगले 5 साल बाद होने वाले चुनावों की तरफ देख रहे हैं जहां वो कांग्रेस को रिप्लेस करके या तो प्रदेश की दूसरी पार्टी या फिर जहां एंटी इनकंबेंसी फेक्टर चला तो आप के सपने सरकार बनाने के भी हैं। गुजरात में अच्छे वोट शेयर ने आप को अन्य राज्यों में उतरने की ताकत दे दी है। देश में इस समय भाजपा और कांग्रेस को छोड़कर सिर्फ आप के पास ही दो राज्यों में सरकारें और दिल्ली नगर निगम पर कब्जा है।

राजनीतिक पर्यवेक्षक कहते हैं कि आप ने पंजाब से तो चौंकाया ही था लेकिन 15,000 करोड़ रु. के बजट वाले देश के दूसरे सबसे बड़े निगम, दिल्ली नगर निगम को भाजपा से छीना और कांग्रेस को वहां लगभग साफ कर दिया।

आप से जुड़े कुछ खास फैक्टर

  • मुस्लिम वोट: जो अल्पसंख्यक मतदाता भाजपा को वोट नहीं देना चाहते, उनके लिए आप कांग्रेस के अलावा नया विकल्प साबित हो सकती है।
  • मॉडल स्टेट: आप हर राज्य में दिल्ली मॉडल दिखाकर फ्रीबीज पर दांव खेल रही है। इससे अन्य पार्टियों पर दबाव बनेगा और उन्हें जनता का गुस्सा झेलना पड़ सकता है।
  • नए चेहरे: आप राज्यों में नए और सामाजिक रूप से सक्रिय चेहरों को मौका देने से एंटी इंकम्बेंसी का फायदा उठाने में कामयाब रहती

कम मार्जिन वाली सीटों पर नजर

मप्र, छग और राजस्थान में आप यदि सक्रिय हुई तो उन सीटों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है, जहां पिछली बार जीत-हार का अंतर कम था।

  • राजस्थान में पिछले चुनाव में 58 सीटों पर जीत हार का मार्जिन 5% वोटों से कम रहा। इनमें से 13 पर अंतर 1% से कम, 23 पर 2% से कम, 39 पर 3% से कम और 47 पर 4% से कम के अंतर से जीत-हार हुई।
  • मध्यप्रदेश में पिछले चुनाव में 71 सीटों पर 5% से कम, 60 पर 4% से कम, 44 पर 3% से कम, 30 पर 2% से कम और 16 सीटों पर जीत-हार का अंतर महज 1% से भी कम रहा था।
  • छत्तीसगढ़ में 18 सीटों पर 5% से कम, 14 सीटों पर 3% से कम, 6 सीटों पर 2% से कम और 2 सीटों पर 1% से भी कम वोटों के अंतर से जीत-हार तय हुई थी।

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