08/02/2023
देश राजनीति

हिमाचल CM की शपथ आज: प्रतिभा सिंह को न्योता देने पहुंचे सुखविंदर सुक्खू , खड़गे और गांधी परिवार भी होगा शामिल

हिमाचल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज दोपहर डेढ़ बजे शिमला के रिज मैदान में शपथग्रहण करेंगे। इनके साथ डिप्टी CM मुकेश अग्निहोत्री को भी राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। खास बात यह है कि सुक्खू के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और AICC महासचिव प्रियंका गांधी भी शिमला पहुंच रही हैं।

हिमाचल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज दोपहर डेढ़ बजे शिमला के रिज मैदान में शपथग्रहण करेंगे। इनके साथ डिप्टी CM मुकेश अग्निहोत्री को भी राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। खास बात यह है कि सुक्खू के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और AICC महासचिव प्रियंका गांधी भी शिमला पहुंच रही हैं।

कांग्रेस के लिए बड़ा मौका
कांग्रेस लिए यह खास मौका है, क्योंकि 2018 के बाद देश के किसी भी राज्य में कांग्रेस को पहली बार पूर्ण बहुमत मिला है। इसलिए पार्टी शक्ति प्रदर्शन कर शिमला से पूरे देश को संदेश देना चाह रही है। हालांकि शक्ति प्रदर्शन के लिए पार्टी को बहुत कम टाइम मिला है, क्योंकि CM चेहरा होने के 19 से 20 घंटे के भीतर शपथ ग्रहण समारोह रखा गया है। पार्टी सूत्रों की मानें तो इसमें भीड़ जुटाने के लिए शिमला और सोलन के साथ लगते चुनाव क्षेत्रों के विधायकों को निर्देश दिए गए है।

विक्रमादित्य सिंह को भी दिलाई जा सकती है शपथ

फिलहाल, CM और डिप्टी CM तय होने के बाद कैबिनेट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। सूत्रों की मानें तो आज केंद्रीय नेताओं की मौजूदगी में विक्रमादित्य सिंह को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। अन्य मंत्रियों को बाद में कार्यक्रम तय करके शपथ दिलाई जाएगी।

चौथी बार विधानसभा पहुंचे सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू चौथी बार और मुकेश अग्निहोत्री पांचवी बार विधानसभा पहुंचे हैं। इससे पहले सुक्खू कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष, NSUI के अध्यक्ष, शिमला में MC के दो बार पार्षद, युवा कांग्रेस प्रमुख और 2022 में चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष चुने गए।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह दूसरी बार चुनकर विधानसभा पहुंचे हैं, जबकि मुकेश अग्निहोत्री पांचवी बार विधायक चुने गए हैं।

इन चुनाव में कांग्रेस ने 68 में से 40 सीटें जीतकर आई है और रिवाज बदलने का दावा करने वाली BJP 25 सीटों पर सिमट गई है। हाईकमान की मुहर लगने के बाद शनिवार शाम विधानसभा में संपन्न विधायक दल में सुखविंद्र सिंह सुक्खू को औपचारिकता तौर पर मुख्यमंत्री घोषित किया गया।

सांसद होने के चलते कमजोर पड़ी प्रतिभा की दावेदारी

प्रतिभा सिंह मंडी सीट से सांसद हैं। इसी वजह से उनकी दावेदारी कमजोर पड़ गई। हाल ही विधानसभा चुनाव में मंडी जिले की 10 में से कांग्रेस सिर्फ 1 ही सीट जीत सकी। ऐसे में कांग्रेस यहां उपचुनाव का रिस्क नहीं लेना चाहती। वहीं प्रतिभा को सीएम बनाने पर विधायक का चुनाव लड़ना होगा। ऐसे में कांग्रेस 2 उपचुनाव करवाने के मूड़ में नहीं है।

प्रियंका की अपील लाई रंग
प्रियंका गांधी ने चुनाव की घोषणा के बाद अपनी पहली चुनाव जनसभा हिमाचल के मंडी में की थी। यहां पर उन्होंने प्रदेशवादियों से पहाड़ों पर हर पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा कायम रखने की अपील करते हुए कहा था कि बार बार रिपीट होने से नेताओं के दिमाग खराब होते है। इसलिए पांच-पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा बहुत अच्छी है।

हिमाचल कांग्रेस में CM चेहरे के चुनाव पर अब तक क्या हुआ

  • 8 दिसंबर को विधानसभा चुनाव नतीजे आए जिसमें 40 सीट जीतकर कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत हासिल किया।
  • 9 दिसंबर को कांग्रेस हाईकमान ने छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला को ऑब्जर्वर बनाकर शिमला भेजा। इन तीनों को जिम्मेदारी दी गई कि वे विधायक दल की मीटिंग बुलाकर सीएम का नाम फाइनल करें।
  • 9 दिसंबर को CM पद की सबसे तगड़ी दावेदार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के समर्थकों ने ऑब्जर्वरों के होटल से लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय तक जमकर शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला की गाड़ी का घेराव किया।
  • मुख्यमंत्री पद के दूसरे सबसे बड़े दावेदार और चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू डेढ़ दर्जन से ज्यादा विधायकों के साथ गायब हो गए।
  • दोपहर 3 बजे शुरू होने वाली विधायक दल की मीटिंग देर शाम पौने आठ बजे शुरू हो पाई।
  • बैठक में किसी नाम पर सर्वसम्मति न बनने पर सिंगल लाइन प्रस्ताव पासकर मुख्यमंत्री का चेहरा फाइनल करने के सारे अधिकार कांग्रेस हाईकमान को दे दिए गए।
  • 10 दिसंबर को फिर विधायक दल की मीटिंग बुलाई गई। जिसमें मंथन के बाद सुक्खू के नाम का ऐलान कर दिया गया। प्रतिभा गुट के ही मुकेश अग्निहोत्री को डिप्टी सीएम मनोनीत किया गया।
  • इसके बाद विधायक दल नेता सुक्खू राज्यपाल से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया। जिसके बाद 11 दिसंबर यानी आज रिज पर शपथ ग्रहण समारोह हो रहा है।
सुखविंदर सिंह सुक्खू कौन हैं ?

नगर निगम शिमला से बतौर पार्षद चुनावी राजनीति की शुरुआत करने वाले सुखविंदर सिंह सुक्खू कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे निकल गए हैं. नादौन से कांग्रेसी विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से स्नातकोत्तर और एलएलबी की पढ़ाई की है.

सुखविंदर सिंह सुक्खू का जन्म 26 मार्च 1964 को पिता का नाम रसील सिंह के घर में हुआ. उनकी पत्नी का नाम कमलेश ठाकुर है और उनकी दो बेटियां हैं.

एनएसयूआई से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और संजोली कॉलेज में पहले कक्षा के सीआर और एससीए के महासचिव चुने गए. उसके बाद राजकीय महाविद्यालय संजौली में एससीए के अध्यक्ष चुने गए.

1988 से 1995 तक एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष बने. 1995 में युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव बने. 1998 से 2008 तक युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे और इस दौरान दो दफा विधानसभा चुनाव भी लड़ा हालांकि, इससे पहले नगर निगम शिमला के दो बार चुने हुए पार्षद बने. 2003, 2007 और 2017 में नादौन विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने.

प्रतिभा सिंह के समर्थकों ने नारेबाजी की

प्रतिभा सिंह को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग लेकर उनके समर्थकों ने शिमला में शक्ति प्रदर्शन किया. 9 दिसंबर को शिमला में उनके समर्थकों ने सीएम पद को लेकर खूब नारेबाजी की, “देश का नेता कैसा हो, रानी साहिबा जैसा हो.” वहीं, सुखविंदर सुक्खू के समर्थक भी अपने नेता के लिए धक्का-मुक्की करने के लिए होटल के बाहर जमा हो गए | 16 जून 1956 को हिमाचल के ही शिमला में जन्मीं प्रतिभा सिंह ने चंडीगढ़ के वीमेन कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. वो नेता के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं.

6 बार हिमाचल के मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह की पत्नी 2022 के हिमाचल चुनावों में चाणक्य बनकर उभरी हैं

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृहराज्य में प्रतिभा सिंह कांग्रेस को फिर सत्ता में वापस लेकर आईं. दिग्गज नेता वीरभद्र सिंह की गैरमौजूदगी में कांग्रेस का यूं नेतृत्व करना प्रतिभा सिंह के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन स्थानीय मुद्दों पर उनकी पकड़ के कारण कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में राज्य की 68 में से 40 सीटों पर जीत हासिल की है. बीजेपी ने 25 सीटें जीतीं और तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की.

 

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