23/09/2022
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पवार बोले- 6 महीने में शिंदे सरकार गिर जाएगी, मिड टर्म इलेक्शन की तैयारी कर लें : महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट

महाराष्ट्र में 14 दिन से जारी सियासी घमासान के बीच NCP चीफ शरद पवार ने बड़ा बयान दिया है। मुंबई में NCP विधायकों की मीटिंग में पवार ने कहा कि एकनाथ शिंदे की सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी। 6 महीने में ही गिर जाएगी। मिड टर्म इलेक्शन की तैयारी सभी लोग कर लें।

इधर, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपनी सरकार के लिए सोमवार सदन में विश्वासमत हासिल करेंगे। वहीं विश्वासमत से पहले स्पीकर बनते ही राहुल नार्वेकर ने उद्धव गुट को बड़ा झटका दिया है। विधानसभा में उद्धव के नेता अजय चौधरी और चीफ व्हिप सुनील प्रभु की मान्यता रद्द कर दी गई है।

आदित्य समेत 16 विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग
स्पीकर के चुनाव में जीत हासिल करने के बाद एकनाथ शिंदे गुट ने आदित्य ठाकरे समेत शिवसेना के 16 विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग की है। शिंदे गुट के चीफ व्हिप भारत गोगावाले ने नए स्पीकर राहुल नार्वेकर को लेटर सौंपा है।

लेटर में कहा है कि 16 विधायकों ने व्हिप का उल्लंघन किया है। इसलिए इनकी सदस्यता रद्द हो। स्पीकर ने उनका लेटर ले लिया है और उस पर विचार करने की बात कही है। बागी गुट के 16 विधायकों की सदस्यता का मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में है।

स्पीकर चुनाव में शिंदे गुट ने जीत हासिल की
उद्धव सरकार को गिराने के बाद एकनाथ शिंदे ने रविवार को विधानसभा में पहला शक्ति परीक्षण जीत लिया है। भाजपा के राहुल नार्वेकर विधानसभा के नए स्पीकर चुने गए हैं। नार्वेकर को 164 वोट, जबकि शिवसेना के राजन साल्वी को 107 वोट मिले। वोटिंग के दौरान NCP के 7 और कांग्रेस के 2 विधायक गायब रहे।

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्ष की मांग पर डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल ने विधायकों की गिनती शुरू कराई। विधानसभा में अभी 287 विधायक हैं और जीत के लिए 144 का मैजिक फिगर चाहिए था। हालांकि, वोटिंग में सिर्फ 275 विधायकों ने भाग लिया।

12 विधायकों ने नहीं लिया वोटिंग में हिस्सा

स्पीकर चुनाव में नवाब मलिक (NCP), अनिल देशमुख (NCP), मुक्ता तिलक (भाजपा), लक्ष्मण जगताप (भाजपा), प्रणित शिंदे (कांग्रेस), दत्ता भरणे (NCP), निलेश लंके (NCP), अण्णा बनसोडे (NCP), दिलीप मोहिते (NCP), बबन शिंदे (NCP), मुफ्ती इस्माइल शाह (AIMIM) और रणजीत कांबले (कांग्रेस) ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।

आज के बड़े अपडेट्स….

  • सुनील प्रभु ने कहा कि शिवसेना के व्हिप का उल्लंघन कर अध्यक्ष पद के चुनाव में शिवसेना के बागी 39 विधायकों ने वोट किया है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
  • सपा विधायक अबु आजमी और उनके सहयोगी विधायक ने वोट नहीं दिया। औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजी नगर करने से वे नाराज थे।
  • विधानसभा कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। इसके लिए 9 कैमरे लगाए गए हैं। एक कैमरा का फोकस सीधे विधानसभा अध्यक्ष के चेयर पर रखा गया।
  • सियासी घमासान के बीच शिवसेना ने अपने नेताओं से वफादारी का हलफनामा देने के लिए कहा है।

शिवसेना में रहे, टिकट नहीं मिला तो बदल लिया दल

राहुल नार्वेकर 2014 से पहले शिवसेना में थे, लेकिन लोकसभा का टिकट नहीं मिला, तो पार्टी छोड़ एनसीपी में शामिल हो गए। 2014 में मवाल लोकसभा सीट से मैदान में उतरे, लेकिन हार मिली। फिर नार्वेकर भाजपा में शामिल हो गए।

2016 में गवर्नर कोटे से नार्वेकर विधानपरिषद पहुंचे। वहीं 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कोलाबा विधानसभा सीट से जीत हासिल की। राहुल नार्वेकर को भाजपा गठबंधन के 106, शिवसेना के 39 और निर्दलीय 19 विधायकों का वोट मिला है

भाजपा विधायकों ने लगाए जय श्रीराम-जय भवानी के नारे

विधानसभा के भीतर भाजपा के विधायकों ने जय भवानी, जय शिवाजी और जय श्री राम के नारे लगाए, जबकि विपक्षी विधायकों ने वोटिंग के समय ED-ED के नारे लगाए। स्पीकर चुनाव पर NCP के जयंत पाटिल ने कहा कि अभी चुनाव कराया जा रहा है, लेकिन हम कब से मांग कर रहे थे। अब समझ आया कि क्यों नहीं इलेक्शन कराया जा रहा था।

शिवसेना में मचे घमासान को देखते हुए विधानसभा के भीतर उसका दफ्तर सील कर दिया गया। उद्धव ठाकरे की ओर से सुनील प्रभु और एकनाथ शिंदे की ओर से भारत गोगावाले ने व्हिप जारी किया था। उद्धव ठाकरे के समर्थन में 17 शिवसेना के विधायकों ने वोट किया है।

भाजपा और शिवसेना के विधायकों की बैठक, फडणवीस होटल पहुंचे

सीएम एकनाथ शिंदे गुट के विधायकों और महाराष्ट्र भाजपा के विधायकों की बैठक रविवार रात मुंबई के होटल में हुई। इसमें उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए।

सियासी टशन में पलट गई उद्धव सरकार

20 जून को एकनाथ शिंदे के साथ शिवसेना के करीब 20 विधायक सूरत निकल गए, जिसके बाद इन विधायकों को गुवाहाटी ले जाया गया। विधायक गुवाहाटी में करीब 6 दिन रहे। इसके बाद शिंदे गुट ने 39 विधायक साथ होने का दावा कर दिया।

वहीं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की एंट्री भी हुई, जिसके बाद कोर्ट ने 11 जुलाई को सुनवाई करने की बात कही है। राज्यपाल के फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश के बाद उद्धव ठाकरे ने 29 जून को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

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