23/09/2022
देश धार्मिक राजनीति

पटियाला हिंसा का मास्टरमाइंड परवाना:पहले प्रदर्शन कराया; हिंसा हुई तो मुंह छुपा बाइक पर भागा; किसान आंदोलन में भी शामिल रहा

पटियाला में 2 ग्रुपों के बीच हुई हिंसा के मास्टरमाइंड बरजिंदर परवाना के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। शिवसेना के खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च के दौरान परवाना ने ही सिख प्रदर्शनकारियों को लेकर प्रदर्शन करवाया। वह उन्हें काली माता मंदिर के नजदीक तक ले गया। जब हिंसा हुई और बवाल बढ़ा तो वह मुंह छुपाकर बाइक में बैठ वहां से भाग निकला।

पुलिस ने उसका क्रिमिनल रिकॉर्ड निकलवाया है। जिसमें उस पर अटेंप्ट टू मर्डर के 2 केस चल रहे हैं। इसके अलावा वह दिल्ली बॉर्डर पर हुए किसान आंदोलन में भी शामिल रहा।

खालिस्तान विरोधी मार्च पर दी थी गर्दन काटने की धमकी
बरजिंदर परवाना के मंसूबे अचानक सामने नहीं आए। जब शिवसेना ने खालिस्तान के विरोध में मार्च निकालने का ऐलान किया तो उसने धमकी दे दी थी। परवाना ने कहा था कि कुछ लोग खुद को हिंदू धर्म का अंग मानते हैं लेकिन हम नहीं मानते। वह पंजाब का माहौल खराब करना चाहते हैं। उन्होंने एक पोस्ट डाली कि 29 अप्रैल को खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च निकाला जाएगा। परवाना ने कहा कि कोई ‘खालिस्तान मुर्दाबाद’ मेरे सामने कहे, उसकी गर्दन काट दूंगा।

बरजिंदर परवाना का क्रिमिनल रिकॉर्ड

  • पहला केस 7 जनवरी 2016 में पटियाला के थाना बनूड़ में दर्ज हुआ। उसके खिलाफ कातिलाना हमला और SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। इसका कोर्ट में चालान पेश हो चुका है।
  • दूसरा केस 27 मई 2019 को सदर पटियाला थाने में दर्ज हुआ। जिसमें सरकारी ड्यूटी में विघ्न डालने का आरोप है। इसका भी चालान पेश हो चुका है।
  • तीसरा केस लाहौरी गेट पटियाला थाने में दर्ज हुआ है। जिसमें कातिलाना हमला और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के उल्लंघन का आरोप है। इसकी जांच की जा रही है।
  • चौथा केस 7 अगस्त 2021 को दर्ज हुआ। मोहाली के थाना बलौंगी में यह केस आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत दर्ज हुआ है। इसका भी कोर्ट में चालान पेश हो चुका है।
  • सिंगापुर रिटर्न है परवाना, दमदमी टकसाल बनाई, खुद मुखी बन गया
    बरजिंदर सिंह परवाना उर्फ सनी राजपुरा में गगन चौक के नजदीक गुरू गोबिंद सिंह नगर का रहने वाला है। उसने BA तक की पढ़ाई की है। उसने दमदमी टकसाल मेहता चौक के मुखी बाबा हरनाम सिंह धुम्मा से अमृतपान किया। परवाना कट्‌टरपंथी ख्यालों का व्यक्ति है। 2007-08 में वह सिंगापुर गया था। वहां करीब 18 महीने रहा। फिर भारत लौट आया। यहां आकर धार्मिक दीवान लगा सिखी का प्रचार करने लगा। उसने दमदमी टकसाल जत्था राजपुरा की स्थापना की और उसका मुखी बन बैठा।

सोशल मीडिया पर करता है भड़काऊ बयानबाजी
पुलिस की जांच के मुताबिक परवाना लगातार गुरूद्वारों के मुखी और ग्रंथियों के साथ होने वाली धक्केशाही के खिलाफ भी आवाज उठाता रहा है। सिख धर्म के खिलाफ होने वाले धरनों में भी वह शामिल होता रहता है। बरजिंदर परवाना सुर्खियों में रहने के लिए अक्सर सोशल मीडिया पर भी भड़काऊ बयानबाजी करता रहता है।

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