08/02/2023
देश राजनीति

MCD की जीत से सिसोदिया प्रमोट होंगे, केजरीवाल PM की रेस में :आतिशी, निर्मला या शालिनी बन सकती हैं दिल्ली की मेयर

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के चुनाव में बहुमत हासिल कर लिया है। अरविंद केजरीवाल के तीन बार दिल्ली का CM बनने के बाद ये पहला मौका है जब MCD पर भी AAP का कब्जा हो गया है।

MCD की कुल 250 सीटों में से अब तक AAP ने 134 और BJP ने 104 सीटों पर जीत हासिल की है। कांग्रेस के लिए ये चुनाव भी बेहद बुरा रहा और उसे सिर्फ 9 सीटों पर जीत हासिल हुई। इस जीत के साथ ही AAP ने BJP का 15 साल पुराना किला ध्वस्त कर दिया।

गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव के नतीजों से एक दिन पहले AAP की ये जीत राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी कई संदेश लेकर आई है। AAP के कई बड़े नेता शराब घोटाले के आरोपों से घिरे हैं। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन जेल में हैं और डिप्टी CM मनीष सिसोदिया पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में इस जीत ने पार्टी में मनीष सिसोदिया के कद को और मजबूत किया है।

हालांकि, मंत्री सत्येंद्र जैन के विधानसभा क्षेत्र शकूरबस्ती में BJP ने तीनों सीटें सरस्वती विहार, पश्चिम विहार और रानी बाग जीत ली हैं। मनीष सिसोदिया के विधानसभा क्षेत्र के 4 में से 3 वार्डों में AAP की हार चौंकाने वाली रही हैं।

मनीष सिसोदिया बनाए जा सकते हैं मुख्यमंत्री
MCD का चुनाव आम आदमी पार्टी के लिए इस मायने में भी चुनौती भरा था, क्योंकि गुजरात के ठीक साथ ही ये चुनाव हो रहे थे। अरविंद केजरीवाल पूरी तरह गुजरात में प्रचार में जुटे रहे। ये जीत मनीष सिसोदिया के खाते में जाने वाली है। सूत्रों के मुताबिक, इस जीत के बाद मनीष सिसोदिया को दिल्ली में बड़ी भूमिका मिल सकती है और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ने के लिए मुक्त हो सकते हैं। ये भूमिका CM की भी हो सकती है।

MCD की तैयारी मनीष सिसोदिया के अलावा राघव चड्ढा, आतिशी, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज जैसे नेताओं के कंधों पर थी। MCD की जीत ने इन नेताओं को पहली श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है। पार्टी के लिए इन नेताओं के रूप में नया नेतृत्व खड़ा होगा और देशभर में पार्टी के प्रसार में ये फायदा पहुंचाएगा। आने वाले दिनों में हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के चुनाव है।

आतिशी या निर्मला देवी को बनाया जा सकता है मेयर
AAP के एमसीडी में बहुमत पाते ही सबसे पहला सवाल उठ रहा है कि अब मेयर कौन होगा? AAP के विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए भी पार्टी ने पहले ही तैयारी कर रखी है। आतिशी मर्लेना का नाम इस रेस में फिलहाल सबसे आगे हैं। हालांकि, उन्हें इसके लिए विधायक का पद छोड़ना पड़ेगा।

आतिशी के अलावा AAP नेता निर्मला देवी को भी मेयर बनाया जा सकता है। निर्मला देवी पार्टी के महिला इकाई की प्रदेश संयोजक हैं। इसके अलावा काउंसलर शालिनी सिंह का नाम भी चर्चा में है।

MCD चुनाव जीते पार्षदों का कार्यकाल 5 साल के लिए होता है, लेकिन मेयर सिर्फ एक साल के लिए चुने जाते हैं। MCD में कुल 250 वार्ड हैं। इन वार्डों से जीते पार्षद ही मेयर का चुनाव करते हैं। दिल्ली की जनता सीधे तौर पर मेयर नहीं चुन सकती। जनता पार्षदों को चुनती है और पार्षद मेयर को।

MCD की सरकार का कार्यकाल 5 साल का होता है। इन 5 साल में पहले साल किसी महिला पार्षद को ही मेयर बनाया जा सकता है। ये एक तरह का रिजर्वेशन है। तीसरे साल किसी अनुसूचित जाति का पार्षद मेयर बनाया जाएगा।

आतिशी 2019 लोकसभा चुनाव में ईस्ट दिल्ली से गौतम गंभीर के खिलाफ चुनाव लड़ी थीं और तीसरे नंबर पर रही थीं। हालांकि, 2020 विधानसभा चुनाव में वे कालकाजी सीट से लड़ी और जीत हासिल की।

AAP के वादे, जिन्होंने MCD चुनाव जिताया
1. कचरा: मनीष सिसोदिया के मुताबिक MCD का मुख्य काम कूड़े की साफ-सफाई है। फिलहाल हालात ये हैं कि दिल्ली में हर जगह कूड़ा दिखता है। AAP की प्राथमिकता है कि सबसे पहले इसी से निपटना है। लैंडफिल साइट 15 साल में नहीं हटाई गई तो इसका कारण भ्रष्टाचार है। 5 साल से पहले ही दिल्ली से कूड़े के पहाड़ गायब कर देंगे।

2. पार्किंग: पार्किंग के लिए जगह एक मुद्दा है, जिसे लेकर AAP ने बड़े वादे किए हैं। AAP का कहना है कि दिल्ली में पार्किंग कुप्रबंधन भी एक कारण है। ठेकेदार इलाका बढ़ा लेता है, इससे दिक्कत होती है, इसे सही करेंगे। अतिक्रमण को लेकर PWD की सड़कों पर मुहिम पहले से ही जारी है। अब तक MCD से कोई सहयोग नहीं था।

3. अतिक्रमण: मनीष सिसोदिया के मुताबिक, अवैध निर्माण बड़ी समस्या है। करीब 40% MCD के कागजों में है ही नहीं। इसे कानूनी रूप देना होगा। कॉलोनी के हिसाब से मैप बनाए जाएंगे। सिस्टम बनाएंगे कि अगर पहले से कुछ नमूने वाले नक्शे डाल दें तो लोग अपने प्लॉट साइज के हिसाब से नक्शा चुन लेंगे और नक्शा पास हो जाएगा।

4. बजट और कलेक्शन: केंद्र से पैसा नहीं आ रहा है। हालांकि, ईमानदारी से कलेक्शन करने से दिल्ली का बजट बेहतर हुआ है, वैसे ही निगम में भी कलेक्शन बेहतर करेंगे। भ्रष्टाचार खत्म होगा तो आर्थिक स्थिति अपने आप सुधर जाएगी।

5. स्थायी नौकरी: MCD में सफाईकर्मियों को स्थायी करने का मुद्दा भी AAP के एजेंडे में है। कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के अलावा सफाई करने वालों को पक्का करने का वादा किया गया है।

6. भ्रष्टाचार: लीडर पैसा खाना बंद कर दें, नीचे कोई भ्रष्टाचार करे तो उस पर कार्रवाई हो। दिल्ली में भी यही हुआ कि ऊपर के स्तर पर भ्रष्टाचार बंद हो गया तो नीचे भी डर हो जाता है। दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी ( DDA) और नगर निगम की नाकामी है कि आधी दिल्ली के लिए कागजों पर कोई बाजार नहीं है। हर कॉलोनी में बाजार है, लेकिन उन्हें कागज पर स्वीकार नहीं किया गया। MCD को इन्हें मंजूर करना चाहिए। MCD के दायरे में जो होगा, हम उसे सही करेंगे।

आप के लिए चुनावी नतीजों से क्या बदला
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जीत के बाद कहा- ’15 साल की कांग्रेस की सत्ता को उखाड़ा था दिल्ली से और अब 15 साल की MCD को भी उखाड़ दिया है। इसका मतलब ये है कि लोग नफरत की राजनीति को पसंद नहीं करते। लोग बिजली, सफाई, इन्फ्रास्ट्रक्चर को वोट देते हैं।’

इसका जवाब देते हुए BJP सांसद मनोज तिवारी ने कहा है- ‘जो लोग 200 सीटें जीतने का दावा करते थे, उनके लिए ये नतीजे हार ही हैं। इन लोगों अपना चेहरा देखना चाहिए।’

इस जीत से AAP के नेताओं पर लग रहे करप्शन के आरोपों से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। MCD जीतने से पार्टी अपने मंत्री सत्येंद्र जैन मामले के बाद हुई आलोचना का सामना कर सकेगी। साथ ही शराब घोटाला मामले में सिसोदिया के खिलाफ जारी जांच में फायदा मिलेगा।

जीत के साथ ही AAP एक बार फिर ‘कट्टर ईमानदार’ वाली छवि को भुनाने की कोशिश करेगी। CM केजरीवाल खुले मंच से पार्टी और नेताओं की ‘कट्टर ईमानदार’ छवि की बात करते रहे हैं। सत्येंद्र जेल को जेल भेजे जाने पर भी उन्होंने जैन को कट्टर ईमानदार बताया था।

पार्टी को 104 सीटें मिलीं; 132 सीटें जीतकर AAP ने बहुमत हासिल किया :15 साल बाद MCD की सत्ता से भाजपा आउट

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