04/07/2022
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ज्ञानवापी: मस्जिद के अंदर मिला शिवलिंग; कोर्ट का आदेश- प्रशासन शिवलिंग वाली जगह को तुरंत सील करके उसे सुरक्षा में ले

ज्ञानवापी से जुड़ी बड़ी खबर है। परिसर के अंदर सर्वे टीम को शिवलिंग मिला है। यह बात सामने आने के बाद वाराणसी कोर्ट ने डीएम को आदेश दिया कि जिस जगह शिवलिंग मिला है, उसे तत्काल सील कर दें। वहां पर किसी भी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित किया जाए। कोर्ट ने डीएम, पुलिस कमिश्नर और सीआरपीएफ कमांडेंट को यह आदेश दिया है। कोर्ट ने इन अधिकारियों को जगहों को संरक्षित और सुरक्षित रखने की व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदारी दी है।

दरअसल, ज्ञानवापी में सर्वे के लिए तीसरे दिन टीम गई थी। बताया जा रहा है कि वहां टीम को शिवलिंग नजर आया। सर्वे टीम में शामिल हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने तुरंत वाराणसी कोर्ट में एप्लीकेशन दी। इसमें कोर्ट को बताया गया कि वहां पर शिवलिंग मिला है। यह बहुत ही महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। सीआरपीएफ कमांडेंट को उस जगह को सील करने का आदेश देने की मांग की गई। सीनियर डिवीजन के जज रवि कुमार दिवाकर ने तुरंत डीएम को उस जगह को सील करने का आदेश दिया है।

बाहर आकर हिंदू पक्ष बोला- अंदर बाबा मिल गए
इससे पहले वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर का सर्वे तीसरे दिन सोमवार को पूरा हो गया। सर्वे के बाद हिंदू पक्ष के पैरोकार डॉ. सोहनलाल बाहर आए तो उन्होंने बड़ा दावा किया। कहा, ‘अंदर बाबा मिल गए… जिन खोजा तिन पाइयां। तो समझिए, जो कुछ खोजा जा रहा था, उससे कहीं अधिक मिला है। अब पश्चिमी दीवार के पास जो 75 फीट लंबा, 30 फीट चौड़ा और 15 फीट ऊंचा मलबा है, उसके सर्वे की मांग उठाएंगे।’

कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

मुस्लिम पक्ष की याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने वाराणसी कोर्ट के सर्वे के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच कल सुनवाई करेगी।

उधर, सर्वे करके बाहर आए मुस्लिम पक्ष के वकील ने हिंदू पक्ष के दावों का खारिज किया है। वकील ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं मिला। हम सर्वे से संतुष्ट हैं। कल, यानी 17 मई को कोर्ट में रिपोर्ट सौंपी जाएगी। बता दें कि एडवोकेट कमिश्नर के नेतृत्व में वादी-प्रतिवादी पक्ष के 52 लोगों की टीम सुबह 8 बजे परिसर में एंट्री की। करीब 10:30 बजे सर्वे खत्म हुआ।

सर्वे के दौरान क्या-क्या हुआ

  • DM कौशलराज शर्मा ने कहा कि सर्वे को लेकर किसी द्वारा किया गया दावा उसकी व्यक्तिगत राय हो सकती है। किसी की निजी बात पर ध्यान न दें।
  • सूत्रों के हवाले से खबर आई कि सर्वे में शामिल एक व्यक्ति को अंदर की खबर लीक करने के आरोपों में हटाया गया है।
  • सर्वे के तीसरे दिन पर CM योगी ने खुद नजर रखी। प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी से उन्होंने जानकारी ली।
  • ज्ञानवापी के गुंबद की वीडियोग्राफी हुई। इसकी बनावट की हाई लैंस कैमरे से फोटोग्राफी भी की गई। कल भी इसका सर्वे किया गया था।
  • ज्ञानवापी के 500 मीटर के दायरे में पब्लिक की एंट्री बैन रही। चारों तरफ से आने वाले रास्तों पर पुलिस-PAC का पहरा रहा।
  • सर्वे के तीसरे दिन ज्ञानवापी की सुरक्षा बढ़ा दी गई। 16 लेयर की सुरक्षा रही। पहले दिन 10 लेयर, जबकि दूसरे दिन 12 लेयर की थी।
  • पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश सर्वे शुरू होते ही सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने मौके पहुंचे। पैदल मार्च कर शांति की अपील की।
  • काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मामले में विश्व वैदिक सनातन संघ प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
  • विसेन के नेतृत्व में ही पिछले साल 5 महिलाओं ने कोर्ट में परिसर का सर्वे कराने की याचिका दायर की थी।
  • बुद्ध पूर्णिमा और सोमवार होने से कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर का दर्शन करने पहुंचे हैं।

कल सौंपी जा सकती है रिपोर्ट
कल सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट में रिपोर्ट सौंपी जाएगी। हालांकि, वकीलों का कहना है कि रिपोर्ट बनाने में समय लग सकता है। एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र ने कहा कि कमीशन की 5 दिन की कार्रवाई की रिपोर्ट बनानी है। पूरा प्रयास रहेगा कि कल रिपोर्ट अदालत में पेश कर दूं। हिंदू पक्ष के पैरोकार डॉ. सोहनलाल ने कहा कि नंदी जिसकी प्रतीक्षा कर रहे थे, वह बाबा मिल गए। इतिहासकारों ने जो लिखा था, वह सही था। जैसे ही बाबा मिले वैसे ही अंदर हर-हर महादेव का उद्घोष हुआ।

काशी विश्वनाथ दर्शन के लिए गेट नंबर-1 पर लंबी लाइन
सर्वे के दौरान ज्ञानवापी के पास वाले गेट नंबर-4 से काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया। ऐसे में गोदौलिया के दशाश्वमेध की ओर जाने पर गेट नंबर-1 से श्रद्धालुओं की एंट्री दिलाई गई। गेट नंबर एक से लेकर गोदौलिया चौराहे तक करीब 400 मीटर लंबी लाइन देखी गई। एक किलोमीटर के दायरे में करीब 1500 पुलिस और PAC के जवानों की ड्यूटी लगाई गई। 500 मीटर के दायरे में सुरक्षा में जवान मुस्तैद रही, छतों पर फोर्स तैनात कर दी गई। आसपास की दुकानों को सर्वे होने तक बंद रखा गया।

विजय शंकर बोले- हमें हमारे 100 फीट के ज्योतिर्लिंग आदिविश्वेश्वर चाहिए
प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ के वाद मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी ने ‘दैनिक भास्कर’ से सोमवार को कहा कि हमें हमारे 100 फीट के आदिविश्वेश्वर चाहिए। उनको आक्रमणकारियों ने जमीन में दबा कर ऊपर से मसाला डाल दिया था। इसीलिए, हमने अदालत में मांग की थी कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से रडार तकनीक से पूरे ज्ञानवापी परिसर का सर्वे कराया जाए।

अब तक सर्वे में क्या-क्या हुआ
सर्वे के पहले दिन यानी 14 मई को ज्ञानवापी परिसर के 50% हिस्से का सर्वे हुआ था। उस दिन 4 घंटे के सर्वे के दौरान 4 तहखानों को खोला गया था। तहखानों की साफ-सफाई कराई। इसके बाद टीम ने उसकी वीडियोग्राफी करवाई। दीवारों की नक्काशी चेक की।

दूसरे दिन 15 मई को परिसर का 30% और सर्वे हुआ। इस दिन भी 4 घंटे सर्वे हुआ था। ज्ञानवापी परिसर के ऊपरी बने हुए कमरों, गुंबद, छत और दीवारों की वीडियोग्राफी कराई गई थी। इसके अलावा, दरवाजों की नक्काशी का भी हाई लैंस वाले कैमरे से पिक्चर ली गई थी।

हिंदू पक्ष बोला- दावा मजबूत हुआ, मुस्लिम पक्ष का कहना- कुछ नहीं मिला
अब तक के सर्वे में क्या-क्या मिला है। इस बारे में कोई पुष्ट जानकारी नहीं है। हालांकि, रविवार को सर्वे करके बाहर निकले हिंदू पक्ष के वादी ने अपने हक में दावा किया था। उन्होंने कहा था कि हमारा दावा दिनों-दिन और भी मजबूत होता जा रहा है।

दूसरी तरफ सर्वे करके बाहर आए मुस्लिम पक्ष के वकील ने मीडिया से तीन बार ऊंची आवाज में कहा था- कुछ नहीं मिला, कुछ नहीं मिला, कुछ नहीं मिला…। इतना कहते हुए वह चले गए। उधर, अफसरों का कहना है कि वकीलों का कहना है कि सर्वे जब तक पूरा नहीं हो जाता है, इस पर कुछ कमेंट करना उचित नहीं है।

2021 में 5 महिलाओं ने ज्ञानवापी पर दाखिल की याचिका

  • दिल्ली की रहने वाली राखी सिंह और बनारस की रहने वाली लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक की ओर ने वाराणसी की सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में 18 अगस्त 2021 में एक याचिका दाखिल की।
  • इसमें कहा गया कि ज्ञानवापी परिसर में हिंदू देवी-देवताओं का स्थान है। ऐसे में ज्ञानवापी परिसर में मां शृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही परिसर स्थित अन्य देवी-देवताओं की सुरक्षा के लिए सर्वे कराकर स्थिति स्पष्ट करने की बात भी याचिका में कही गई।
  • मां शृंगार गौरी का मंदिर ज्ञानवापी के पिछले हिस्से में है। 1992 से पहले यहां नियमित दर्शन-पूजन होता था। बाद में सुरक्षा व अन्य कारणों के बंद होता चला गया। अभी साल में एक दिन चैत्र नवरात्र पर शृंगार गौरी के दर्शन-पूजन की अनुमित होती है।
  • मुस्लिम पक्ष को शृंगार गौरी के दर्शन-पूजन में आपत्ति नहीं है। उनका विरोध पूरे परिसर का सर्वे और वीडियोग्राफी कराए जाने पर है। इसी बात का विरोध वाराणसी कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक कर रहे हैं।

इस केस में कब क्या हुआ?

26 अप्रैल 2022 :

  • 5 महिलाओं की याचिका पर करीब आठ महीने तक सुनवाई और दलीलें चलतीं रहीं। 26 अप्रैल को कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर का सर्वे ईद के बाद कराने का आदेश दिया।

6 मई 2022 :

  • एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र ने हिंदू-मुस्लिम पक्षों को लेकर सर्वे शुरू किया।
  • इस दिन केवल शृंगार गौरी के विग्रह-दीवारों की वीडियोग्राफी हो पाई।
  • बड़ी संख्या में मुस्लिम मस्जिद में नमाज को आए। हल्का बवाल भी हुआ।
  • मुस्लिम पक्ष ने एडवोकेट कमिश्नर पर एकपक्षीय सर्वे का आरोप लगाया।

7 मई 2022 :

  • सर्वे दोबारा शुरू हुआ, वादी पक्ष ने आरोप लगाया कि 500 से ज्यादा मुस्लिम मस्जिद में थे।
  • अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था, न ही प्रशासन कोई सहयोग कर रहा था।
  • विवाद बढ़ा तो सर्वे रोक दिया गया और मामला फिर से कोर्ट में चला गया।

9 मई 2022 :

  • कोर्ट में वादी पक्ष ने कहा- एडवोकेट कमिश्नर अपना काम सही से कर रहे हैं।
  • उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं, ज्ञानवापी के सर्वे की अनुमति दी जाए।

10 मई 2022 :

  • कोर्ट में दोनों पक्षों में बहस हुई, एडवोकेट कमिश्नर के बदलने और दलीलें पेश की।
  • मुस्लिम पक्ष ने कुछ और तथ्य देने के लिए 11 मई तक का समय मांगा था।
  • कोर्ट ने 12 मई की तारीख दी। कहा- जरूरत पड़ने पर जज खुद मौके पर जाएंगे।

12 मई 2022 :

  • कोर्ट ने तहखाने और परिसर के चप्पे-चप्पे के सर्वे का आदेश दिया। अगली सुनवाई 17 मई को होगी।
  • सर्वे का मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। वाराणसी कोर्ट के सर्वे के फैसले को चुनौती दी गई।
  • चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने इस याचिका पर कहा कि वे पहले फाइलें देखेंगे, फिर फैसला लेंगे।

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