08/02/2023
खोज खबर देश राजनीति राजस्थान

राजस्थान में 200 सीटों पर चुनाव लड़ेगी AAP: केंद्रीय स्तर की बैठक में निर्णय, राज्य में पार्टी के ढाई लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड कार्यकर्ता

आम आदमी पार्टी ने राजस्थान में अब सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। आम आदमी पार्टी की केंद्रीय स्तर की महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली में हुई। बैठक में आप के महामंत्री और चुनावी रणनीतिकार संदीप पाठक और प्रदेश प्रभारी विनय मिश्रा शामिल हुए। यह तय किया गया कि राजस्थान में पार्टी सभी 200 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। राजस्थान के बड़ा राज्य होने के चलते पार्टी इस पर भी मंथन कर रही थी कि पहले कम सीटों पर लड़ा जाए। मगर अब पार्टी ने सभी सीटों पर लड़ने का फैसला किया है।

दिल्ली और पंजाब में सरकार और गुजरात में अच्छी संख्या में वोट बटोरकर राष्ट्रीय पार्टी बन चुकी आम आदमी पार्टी की निगाहें अब राजस्थान पर है। बैठक में प्रमुख नेताओं ने राजस्थान के नेता और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया। आप ने राजस्थान में अपना अभियान पिछले साल मार्च से शुरू किया था। ऐसे में लगभग 10 महीने में नेताओं और कार्यकर्ताओं का राजस्थान को लेकर क्या अनुभव रहा इसका फीडबैक लिया गया।

बड़ा राज्य होने के चलते कई स्ट्रेटेजी थी दिमाग में

आप सूत्रों का कहना था कि राजस्थान बड़ृा राज्य है ऐसे में इसपर भी विचार किया जा रहा था कि पार्टी इस बार राजस्थान में पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर से सटे इलाकों में चुनाव लड़े। ऐसे में हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, झुंझूनु और अलवर जिलों की लगभग 30 सीटों पर चुनाव लड़ा जा सकता है। मगर अब पार्टी सभी 200 सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बना चुकी है।

आप के राजस्थान में ढाई लाख से ज्यादा कार्यकर्ता

राजस्थान में आम आदमी पार्टी के 2.5 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड कार्यकर्ता हैं। इसके अलावा पार्टी ने अपने सर्वे से 1 लाख से ज्यादा ऐसे लोगों को चुना है जो फील्ड पर रहकर पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं। जल्द ही राजस्थान पर निर्णय होने के बाद इन्हें जिम्मेदारियां भी सौंपी जाएंगी। उसी अनुसार टीमें भी तैयार की जाएंगी।

कांग्रेस-बीजेपी के सिटिंग विधायकों पर अटैक करेगी आप

इधर राजस्थान में आप ने सोशल मीडिया कैम्पेनिंग के लिए नई योजना तैयार की है। इसके तहत अब आप पार्टी बीजेपी और कांग्रेस के 5 सिटिंग एमएलए को रोज टारगेट करेगी। ऐसे विधायकों को चुना जाएगा जिनके खिलाफ स्थानीय स्तर पर असंतोष है। वहां के लोकल वर्कर्स से जमीनी मुद्दों को उठवाकर सोशल मीडिया पर दोनों पार्टियों के इन सिटिंग विधायकों के खिलाफ सोशल कैम्पेन चलाया जाएगा।

Related posts

जिग्नेश मेवाणी केस में असम पुलिस को कोर्ट की फटकार:अदालत ने कहा- पुलिस ने विधायक को जान-बूझकर फंसाया, इस मनमानी पर रोक जरूरी

Such Tak

हिजाब विवाद : कर्नाटक में बिगड़ रहे हालत, कॉलेजों में हिंसक प्रदर्शन

Web1Tech Team

पहलवानों के समर्थन में आईं 7 खापें: SC के जज से जांच की मांग, कहा- WFI अध्यक्ष पर कार्रवाई न हुई तो जंतर-मंतर पहुंचेंगे

Such Tak