08/02/2023
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देश को कोरोना से बचाना है, सरकार ने कहा- राहुल यात्रा रोक दें: कांग्रेस बोली- क्या मोदी मास्क पहनकर गुजरात गए थे

केंद्र सरकार ने राहुल गांधी से यात्रा रोकने की अपील की है। इसके लिए कोरोना महामारी बढ़ने का हवाला दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राहुल को लेटर लिखा है। उन्होंने कहा कि देश में एक बार फिर से कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है, हेल्थ इमरजेंसी के हालात हैं। देश को बचाने के लिए भारत जोड़ो यात्रा रोक दें।

सरकार की अपील पर कांग्रेस ने कहा- भारत जोड़ो यात्रा से मोदी सरकार बौखलाई हुई है। क्या गुजरात चुनाव में PM मोदी मास्क लगाकर गए थे?

स्वास्थ्य मंत्रालय का राहुल को पत्र- ” कोरोना प्रोटोकॉल न हो सकें तो यात्रा स्थगित कर दीजिए “

लेटर में दो अपील की गईं..

  • स्वास्थ्य मंत्री ने राहुल को लिखे लेटर में कहा कि कई सांसदों ने चिंता जाहिर की है कि भारत जोड़ो यात्रा से कोरोना फैल रहा है। अपील की गई कि भारत जोड़ो यात्रा में कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन हो। यात्रा में जो लोग भी शामिल हो रहे हैं , सभी ने वैक्सीन जरूर लगवाई हो।
  • इतनी बड़ी यात्रा में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना संभव नहीं है। ऐसे में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी के हालातों को देखते हुए यात्रा रोक देना ही सही रहेगा।

कांग्रेस को लेटर मिलने के बाद विपक्षियों के 3 बड़े बयान ..

1. कांग्रेस बोली- भारत जोड़ो यात्रा से मोदी सरकार बौखला गई

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा से मोदी सरकार बौखलाई हुई है। आम लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा तरह-तरह के सवाल उठा रही है। उन्होंने BJP से सवाल किया कि क्या चुनाव के समय PM मोदी मास्क लगाकर गुजरात गए थे?

2. कार्ति चिदंबरम ने BJP से सवाल किया- अचानक भारत जोड़ो यात्रा पर इतना ध्यान क्यों?
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि मैंने अभी तक लेटर नहीं देखा है, लेकिन अभी तक तो प्रोटोकॉल को लेकर कोई नियम नहीं आया है। उन्होंने कहा कि मुझे ये नहीं समझ आ रहा है कि अचानक भारत जोड़ो यात्रा पर इतना ध्यान क्यों दिया जा रहा है?

3. TMC सांसद डोला सेन बोलीं- सरकार की तरफ से प्रोटोकॉल को लेकर कोई सर्कुलर जारी नहीं हुआ

TMC सांसद डोला सेन ने कहा कि संसद अभी चल रही है। कोविड प्रोटोकॉल को लेकर कोई सर्कुलर जारी नहीं हुआ है। केंद्र सरकार का यह कर्तव्य नहीं है कि राज्य सरकारों पर हावी हो, बल्कि उनकी जिम्मेदारी जनता के प्रति है। हालांकि, सरकार अपनी जिम्मेदारियों के प्रति हमेशा विफल रही है।

7 सितंबर से शुरू हुई यात्रा
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 7 सितंबर से शुरू हुई थी। आज यात्रा राजस्थान से हरियाणा पहुंच गई है। राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा में भारी भीड़ देखने मिली। हजारों की संख्या में लोग राहुल से मिलने और यात्रा में शामिल होने के लिए दूसरे जिलों से भी पहुंचे। हरियाणा में भी उनके साथ-साथ सैकड़ों की भीड़ चल रही है।

कांग्रेस CM कैबिनेट समेत 15KM पैदल चलेंगे

नूंह में यात्रा के स्वागत के बाद राहुल गांधी ने कहा कि आजकल नेताओं और जनता के बीच में खाई बन गई है। यात्रा ने उस खाई को पाटने का काम किया है। यात्रा में शामिल नेता लंबे भाषण नहीं देते, लोगों से मिलते हैं। इस यात्रा ने हिंदुस्तान की राजनीति में काम करने का विजन दिया है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अब महीने में एक बार पूरी कैबिनेट के साथ 15 किलोमीटर पैदल जनता के बीच जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस पार्टी की सरकार है अब वहां के मुख्यमंत्री, मंत्री सड़कों पर चलेंगे और जनता के बीच जाएंगे।

नफरत के बाजार में मुहब्बत की दुकान खोल रहा हूं
राहुल गांधी ने कहा कि मुझसे BJP के नेताओं ने पूछा कि यात्रा की क्या जरूरत है?। मैंने उनको जवाब दिया कि आपके नफरत के बाजार में मुहब्बत की दुकान खोल रहे हैं। जब भी यह लोग इस देश में नफरत फैलाने निकलते हैं तो हमारे विचारधारा के लोग मुहब्बत व प्यार फैलाना शुरू करते हैं। यह नई लड़ाई नहीं है यह लड़ाई हजारों साल पुरानी है।

इसमें दो विचारधारा लड़ती आ रही हैं। एक विचार धारा चुने हुए लोगों को फायदा पहुंचाती है। दूसरी विचारधारा जो जनता की आवाज है उसके लिए लड़ाई करती है। यह लड़ाई चलती आ रही है चलती जाएगी।

राहुल बोले- मैं तपस्वी नहीं
ठंड में यात्रा में आए लोगों का राहुल गांधी ने धन्यवाद दिया। तपस्वी कहे जाने पर राहुल गांधी ने कहा कि मैं देश का तपस्वी नहीं हूं। इस देश में मेरे से बड़े करोड़ों तपस्वी सुबह चार बजे उठकर खेतों में काम करते हैं। मैंने कोई बड़ा काम नहीं किया है। इससे बड़ा काम देश के छोटे दुकानदार, किसान और करोड़ों कामगार लोग करते हैं। राहुल ने कहा कि सड़कों पर चलने से बहुत कुछ सीखने को मिला। गाड़ी या हवाई जहाज में बैठकर सीखने को नहीं मिलता है।

महंगाई और बेरोजगारी पर राहुल का फोकस

हरियाणा में यात्रा के पहले दिन राहुल गांधी ने अपना भाषण दो बड़े मुद्दों पर फोकस किया। पहला बेरोजगारी और दूसरा महंगाई। उन्होंने कहा कि आज हजारों पढ़े लिखे युवा बेरोजगार हैं। इसकी वजह देश के चार-पांच बड़े उद्योगपति हैं। वह जो भी चाहते हैं उन्हे मिलता है। छोटे व्यापारियों को परे कर दिया है। राहुल ने कहा कि नोट बंदी, जीएसटी पॉलिसी नहीं है यह छोटे व्यापारियों को खत्म करने का व्यापार है। महंगाई पर उन्होंने कहा कि यूपीए की सरकार में चार सौ रुपए का गैस सिलेंडर था अब बारह सौ का हो गया है।

पेट्रोल सौ रुपए हो गया है, जबकि यूपीए में साठ रुपए का मिलता था। अब फिर से वही दौर वापस लाने की जरूरत है। राहुल गांधी ने कहा कि कोई भी ताकत इस यात्रा को रोक नहीं सकती है। यह यात्रा कांग्रेस की नहीं, यह यात्रा हिंदुस्तान के लोगों की है। करोड़ों बेरोजगार युवाओं की यह यात्रा है। पहले दिन राहुल गांधी नूंह जिले में 26 किलोमीटर पैदल चलेंगे।

अब नूंह जिले को समझिए
हरियाणा राज्य के पुराने गुड़गांव में 5 ब्लॉक नूंह, तावडू, नगीना, पुनहाना और फिरोजपुर झिरका शामिल हैं। मेवात (नूंह) के नाम से जाना जाने वाला एक नया जिला 15 ब्लॉकों के अस्तित्व में आया। 1507 वर्ग किमी के क्षेत्र में 443 गांवों और 5 छोटे शहरों में 10.89 लाख लोग रहते हैं यह क्षेत्र हरियाणा के सबसे पिछड़े क्षेत्र में से एक है।

यात्रा का पहला पड़ाव नूंह ही क्यों
हरियाणा में राहुल गांधी की यात्रा का पहला पड़ाव नूंह इसलिए रखा गया है क्यों कि कांग्रेस का मेवात जिले पर हमेशा ही एकाधिकार रहा है। इसकी वजह यह भी है कि पूरा मेवात मुस्लिम बाहुल्य है। यहां के मुस्लिमों को बंटवारे के वक्त पाकिस्तान जाने से महात्मा गांधी ने रोका था। जिसके बाद यहां के मुसलमानों में महात्मा गांधी के प्रति अच्छी विचारधारा है।

हरियाणा में यात्रा के सियासी मायने

हरियाणा में राहुल गांधी की यात्रा के कई सियासी मायने हैं। पहला सूबे में कांग्रेस दो टर्म से सत्ता से दूर रही है। अब इस यात्रा के जरिए राहुल कांग्रेस के गिरते जनाधार को बढ़ाने में संजीवनी की तरह काम करेंगे। इसके साथ ही राहुल की यात्रा से BJP की सत्ता विरोधी लहर को भी हवा मिलेगी। राज्य के नेताओं में चल रही गुटबाजी को भी एकजुटता में तब्दील करने में यात्रा अहम योगदान निभाएगी।

 

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