08/02/2023
खोज खबर देश राजनीति राजस्थान

भीड़-उत्साह, शक्ति प्रदर्शन, संदेश हम होंगे कामयाब, भारत ​​​​​​​जोड़ो यात्रा, प्रदेश में 7 दिन पूरे : नवोदय की राह पर कांग्रेस

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को राजस्थान में रविवार को 7 दिन पूरे हो चुके हैं। इसी बीच कांग्रेस के लिए 4 साल बाद उत्तर भारत की हिन्दी पट्‌टी से खुशखबरी आई। हिमाचल के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जबरदस्त जीत मिली। यह जीत इसलिए भी अहम है कि हिमाचल में 90 प्रतिशत से ज्यादा आबादी हिन्दू है।

हालांकि यात्रा का चुनावी जीत से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन इस जीत का यात्रा पर असर जरूर नजर आ रहा है। कांग्रेस में लंबे समय से नकारात्मकता का माहौल बन गया था। इस जीत से यात्रा और इसके साथ चलने वालों को ‘ऑक्सीजन’ मिली है। तो… सवाल यही है कि आखिर यात्रा से राहुल गांधी और कांग्रेस को क्या मिल रहा है? इसी पर दृष्टि डालती रिपोर्ट।

कौन दिसा में लेके चला रे बटुहिया…
बूंदी जिले में रविवार को राहुल गांधी ने देईखेड़ा से आगे कोटाखुर्द गांव में बैलगाड़ी की सवारी की। भैरुलाल बैरवा की बैलगाड़ी से आधा किलोमीटर तक चले। कांग्रेस ने ट्वीट किया- कौन कौन दिसा में लेके चला रे बटुहिया…।

कांग्रेस के लिए इस यात्रा के मायने…देश में मौजूदगी दिखाई
हर हार के साथ कांग्रेस मुक्त भारत का सियासी नारा गूंजता है। चुनावी राज्यों में यात्रा नहीं जा रही तो मकसद क्या है? इसके जवाब में अब तक की यात्रा से यही सामने आया कि इससे कांग्रेस ने संगठनात्मक रूप से मौजूदगी दिखा दी है। यह शक्ति प्रदर्शन कर कांग्रेस देश को संदेश देने में कामयाब रही है कि वह खत्म नहीं हुई है।

बदलाव का मैसेज
टूटे मनोबल के बीच संगठन को एकजुट कर सड़क पर लाने में कामयाब। सीधा मैसेज- पार्टी में बदलाव हो रहा है, वापस खड़ी हो रही है।
कलह पर विराम
हार से भी बड़ी परेशानी आन्तरिक कलह। यात्रा आने से पहले गहलोत-पायलट समर्थकों में घमासान मचा था। यात्रा के चलते कलह शांत है।
शक्ति प्रदर्शन का मंच
यात्रा रूट नेताओं के लिए शक्ति प्रदर्शन का मंच बना। कौन कितनी भीड़ ला रहा, उससे ताकत का अंदाजा। नेताओं में राहुल संग चलने की होड़।

राहुल के लिए मायने- नई छवि की ओर
छवि 
: यात्रा का बड़ा मकसद राहुल गांधी की छवि सुधारना भी है। राहुल खुद लगातार कह रहे हैं कि भाजपा ने उनकी छवि बिगाड़ने पर करोड़ों रुपए खर्चे हैं। राहुल पर यह आरोप भी लगता है कि कांग्रेस संकट में हो तब वह छुटि्टयां मनाने विदेश चले जाते हैं। लेकिन अब 95 दिन से यात्रा में पैदल चल रहे हैं।
छाप : कांग्रेस का आरोप है कि देश में डर और नफरत का माहौल है। इसी से लड़ने के लिए यात्रा निकाली जा रही है। लेकिन यात्रा मार्ग में राहुल के ज्यादातर पोस्टर हिंदूवादी छवि दर्शाने वाले हैं। इनमें राहुल को तिलक, बिन्दी, त्रिपुंड और किसानों वाली पगड़ी में दिखाया जा रहा है।

उधर अब…राहुल के साथ चले धर्मेंद्र
यात्रा में मंत्री शांति धारीवाल के बाद राहुल के साथ अब रविवार को धर्मेंद्र राठौड़ चले। बगावत के बाद राठौड़ को भी पार्टी ने नोटिस दिया था।

 

Related posts

आरटी-पीसीआर टैस्ट में 40 लोग निकले पाॅजीटिव
धनेड़ क्षेत्र की 6 और किरवीं क्षेत्र की 5 महिलाएं संक्रमित

Web1Tech Team

सोशल मीडिया पर भद्दी फोटो, सार्वजानिक स्थल पर अश्लील इशारे: डरें नहीं, कानून की मदद से भिजवा सकती हैं जेल

Such Tak

World Wetland Day 2023 : वर्ल्ड वेटलैंड्स डे क्यों मानते हैं, भारत में कितने वेटलैंड्स हैं ?

Such Tak