08/02/2023
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गहलोत-पायलट की लड़ाई, 27 महीने में दो प्रभारियों के इस्तीफे: अब पंजाब के सीनियर नेता पर दांव; रंधावा विवाद सुलझा पाएंगे ?

राजस्थान कांग्रेस में मची खींचतान हाईकमान के लिए सिरदर्द बनी हुई है। बीते करीब सवा दो साल में यहां के लिए नियुक्त दो प्रदेश प्रभारी इस्तीफा दे चुके है, लेकिन गहलोत-पायलट का विवाद अब तक अनसुलझा है। अब पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा पर पार्टी ने दांव लगाया है।

केंद्रीय नेतृत्व को उम्मीद है कि राजस्थान के दोनों दिग्गज रंधावा के साथ तालमेल बिठा लेंगे और अगले साल होने वाले चुनाव से पहले पार्टी में सब ठीक होगा। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राजस्थान के प्रभारी महासचिव अजय माकन का इस्तीफा मंजूर कर लिया।

रंधावा को प्रभारी बनाने के साथ ही कांग्रेस स्टीयरिंग कमेटी का मेंबर भी बनाकर उनका पार्टी में कद बढ़ाकर राजस्थान भेजा गया है। अब देखना होगा कि राहुल की यात्रा के राजस्थान में रहते वे विवाद का हल निकालने का कोई फॉर्मूला लाते हैं या नहीं। हालांकि, उनकी सामने चुनौतियां काफी अधिक हैं।

माकन-गहलोत में बढ़ी थी तल्खी

राजस्थान कांग्रेस का प्रभारी बदलने की वजह 25 सितंबर के सियासी बवाल को मुख्य कारण माना जा रहा है। 25 सितंबर को विधायक दल की बैठक में सीएम अशोक गहलोत खेमे के विधायकों के विधायक दल की बैठक के बहिष्कार के बाद से अजय माकन और सीएम अशोक गहलोत के बीच तल्खी बढ़ गई थी।

माकन ने ही तीन गहलोत समर्थक नेताओं को पैरेलल विधायक दल की बैठक बुलाए जाने के मामले में सोनिया गांधी को सौंपी रिपोर्ट में दोषी ठहराया था।

माकन की रिपोर्ट के बाद शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र सिंह राठौड़ को नोटिस दिए गए थे, जिनके जवाब दिए गए थे। तीनों नेताओं के खिलाफ एक्शन नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए अजय माकन ने 8 नवंबर को ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चिट्ठी लिखकर इस्तीफा दे दिया था।

अजय माकन का राजस्थान प्रभारी पद से इस्तीफा देने के पीछे सियासी खींचतान को कारण बताया जा रहा है।

सियासी बवाल के वक्त गहलोत कैंप के कई मंत्रियों ने अजय माकन पर पक्षपात करने के आरोप लगाए गए थे। माकन 25-26 सितंबर के बाद से राजस्थान नहीं आए थे।

माकन को फिलहाल कोई पद नहीं दिया
राजस्थान कांग्रेस प्रभारी के पद से माकन का इस्तीफा मंजूर करने के बाद फिलहाल उन्हें कोई नया पद नहीं दिया है। माकन लंबे समय से कांग्रेस महासचिव थे। खड़गे के अध्यक्ष बनते ही सभी पदाधिकारियों के इस्तीफे हो गए थे लेकिन माकन ने 8 नवंबर को लिखी इस्तीफे की चिट्ठी में गहलोत समथ्रक तीनों नेताओं के खिलाफ एक्शन नहीं होने पर सवाल उठाए थे।

गहलोत-पायलट की खींचतान में दो प्रभारी बदले

अजय माकन को अगस्त 2020 में अविनाश पांडे की जगह राजस्थान का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया गया था। अविनाश पांडे को सचिन पायलट खेमे की शिकायत के बाद हटाया गया था। पांडे पर गहलोत खेमे का पक्ष लेने के आरोप लगे थे। सचिन पायलट खेमे की बगावत के बाद हुई सुलह में यह मुद्दा उठा था।

पायलट खेमे से सुलह के हफ्ते भर बाद ही अविनाश पांडे को प्रभारी पद से हटाकर अजय माकन को राजस्थान का प्रभारी बनाया गया था। अशोक गहलोत और सचिन पायलट की खींचतान में सवा दो साल में दो प्रभारी बदल चुके हैं।

 

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