08/02/2023
खोज खबर देश राजनीति विदेश

LAC पर भारत और चीन के सैनिकों में एक बार फिर झड़प, कई घायल, भारतीय सेना ने दिखाई बहादुरी- राजनाथ

अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों में एक बार फिर झड़प हो गई है. घटना 9 दिसंबर की बताई जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों तरफ से एक-दूसरे को लाठी और डंडों से पीटा गया.

जून 2020 में पूर्वी लद्दाख में गलवान में भी ऐसी ही घटना हुई थी. झड़प में घायल हुए भारतीय सैनिकों का गुवाहाटी के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है.

बताया जा रहा है कि 9 दिसंबर को भारतीय सैनिकों से चीनी सैनिकों की उस वक्त झड़प हुई जब 300 चीनी सैनिक याग्त्से में आ गए थे. इस झड़प में दोनों पक्षों के कुछ सैनिकों को मामूली चोटें आईं हैं. दोनों पक्ष उस क्षेत्र से तुरंत हट गए हैं. घटना के बाद, क्षेत्र में (भारतीय) कमांडर ने शांति बहाल करने के लिए अपने समकक्ष के साथ एक मीटिंग की है.

तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प पर अरुणाचल-पूर्व के बीजेपी सांसद, तपीर गाओ ने कहा कि- “मैंने सुना है कि भारतीय सैनिकों को चोटें लगी है, लेकिन पीएलए (चीनी सैनिकों) को बहुत अधिक चोटें आईं है.. सीमा पर भारतीय सैनिक एक इंच भी नहीं हिलेंगे, घटना निंदनीय है.”

मिलिट्री सूत्रों के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में झड़प पिछले शुक्रवार तड़के लगभग 3 बजे पूर्वी तवांग में यांग्त्से नामक एक पॉइंट के पास तवांग में हुई थी. एलएसी के इस हिस्से दोनों पक्ष विवादित क्षेत्रों मानते हैं.

झड़प की खबरों के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा को संबोधित करते हुए कहा कि झड़प के वक्त भारतीय सैनिकों ने बहादुरी दिखाई. मैं सदन का बताना चाहता हूं कि इस झड़प में एक भी भारतीय सैनिकों की मृत्यु नहीं हुई और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ. दोनों ओर से कुछ सैनिकों को थोड़ी चोटें आई.

लोकसभा में हंगामें के बीच रक्षामंत्री ने सदन को आश्वासन देते हुए कहा, ‘भारतीय सेना ने बहादुरी से PLA को हमारे क्षेत्र में अतिक्रमण करने से रोका और उन्हें उनकी केंद्र पर वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया. इस झड़प में दोनों ओर के कुछ सैनिकों को चोटें आईं. भारतीय सैन्य कमांडरों के समय पर हस्तक्षेप के कारण PLA सैनिक अपने स्थानों पर वापस चले गए.’

लोकसभा में बयान देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, चीनी पक्ष को इस तरह के एक्शन के लिए मना किया गया और सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए कहा गया है. इस मुद्दे को चीनी पक्ष के साथ कूटनीतिक स्तर पर भी उठाया गया है.’

रक्षामंत्री ने सदन से गुजारिश करते हुए कहा कि मुझे विश्वास है यह सदन हमारी सेनाओं की वीरता और साहस को एक स्वर में समर्थन देना. उन्होंने कहा, ‘मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी सेनाएं हमारी भौमिक अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और इसके खिलाफ किसी भी प्रयास को रोकने के लिए सदैव तत्पर हैं.’

राजनाथ सिंह ने सदन को बताया कि इस घटना के पश्चात क्षेत्र के स्थानीय कमांडर ने 11 दिसंबर 2022 को अपने चीनी समकक्ष के साथ स्थापित व्यवस्था के तहत एक फ्लैग मीटिंग की और इस घटना पर चर्चा भी की.

वहीं इस मौके पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘भारत के 1 इंच जमीन पर कोई भी कब्जा नहीं कर सकता है.’

उन्होंने कहा, ‘हमारे जवानों ने 8 की रात को और 9 की सुबह को जो वीरता दिखाई है, मैं इसकी प्रशंसा करता हूं. सेना ने कुछ ही देर में घुसे हुए सभी लोगों को भगा दिया और हमारी भूमि की रक्षा की.

बुलाई थी उच्च स्तरीय बैठक 

इससे पहले रक्षामंत्री ने अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, सीडीएस लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत्त) और सेना प्रमुख मनोज पांडे ने भाग लिया था. इस बैठक में सीमा की स्थिति और भविष्य को लेकर चर्चा हुई.

Related posts

23 जनवरी को विधानसभा घेराव करेंगे बेरोजगार: CBI जांच समेत 15 सूत्री मांगों को लेकर करेंगे प्रदर्शन, उपेन बोले- लड़ेंगे आर-पार की लड़ाई

Such Tak

कैसे IAS संजय पोपली के जूनियर्स ने उनकी तरफ से ‘रिश्वत’ ली? सोने में बदलने के लिए जौहरी को भेजे पैसे

Such Tak

पैरोल पर छूटे राम रहीम ने तलवार से केक काटा: 5 घंटे ऑनलाइन सत्संग किया

Such Tak