08/02/2023
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राजस्थान में एक और पेपर लीक,वरिष्ठ शिक्षक भर्ती का पेपर, छात्र परीक्षा देने बैठे, पता चला बस में पर्चा बंट रहा है

राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक (Rajasthan Paper Leak) का सिलसिला थम नहीं पा रहा है. ‘सिलसिला’ क्यों लिखा वो आगे पता चलेगा. फिलहाल, राज्य में सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा का एक पेपर लीक हो गया है. 24 दिसंबर यानी आज ही परीक्षा होने वाली थी. जानकारी के मुताबिक उदयपुर में एक बस से परीक्षा के पेपर्स बरामद हुए थे. इसके बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने परीक्षा रद्द कर दी है. परीक्षा रद्द होने के बाद राज्य भर में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं.

बस में पेपर लेकर बैठे थे अभ्यर्थी !

आजतक से जुड़े शरत शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, पेपर लीक के आरोप में 44 लोगों को हिरासत में लिया गया है. उदयपुर में बेकरिया थाना इलाके में एक बस पकड़ी गई. उस बस में परीक्षा के कुछ कैंडिडेट सवार थे. जो पेपर सॉल्व कर रहे थे. बस में बैठे लोगों के पास कथित रूप से जीके के प्रश्न पत्र मिले थे. आज सुबह 9 बजे से 11 बजे तक इसी पेपर की परीक्षा थी. हिरासत में लिए गए अधिकतर लोग सिरोही जालोर के हैं. उदयपुर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है.

आयोग के सचिव हरजी लाल ने आजतक को बताया कि उदयपुर से अध्यक्ष को जानकारी मिली थी कि कुछ गड़बड़ी है. पूरी जानकारी लेने के बाद आयोग के अध्यक्ष ने फैसला लिया कि परीक्षा स्थगित कर दी जाए जो कि अभ्यर्थियों के हित में है. कुछ जगहों पर परीक्षा शुरू हो गई थी, यह सही है. लेकिन स्थगित करने के कारण अभ्यर्थियों से पेपर और OMR शीट वापस ले ली गई. सचिव ने कहा कि पूरे मामले की विस्तार से जांच की जाएगी.

पेपर लीक की शिकायत के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बाकी परीक्षाएं तय शेड्यूल से जारी रहेंगी. गहलोत ने ट्विटर पर लिखा,

“सरकार किसी भी युवा के साथ अन्याय नहीं होने देगी और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी. भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता के लिए हमारी सरकार ने सख्त कानून बनाया है. दुर्भाग्य से देशभर में पेपर लीक करने वाले गैंग पनप गए हैं जिससे कई राज्यों में यहां तक कि ज्यूडिशियरी और मिलिट्री तक में पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं. पर राजस्थान में सख्त कार्रवाई कर बेईमानों को जेल में बंद किया गया है”

सीकर से पहुंचीं एग्जाम देने, 10 मिनट में पेपर रद्द

जयपुर में शिक्षक भर्ती की परीक्षा देने पहुंचे कैंडिडेट नाराज दिखे. सीकर से एग्जाम देने पहुंची एक महिला अभ्यर्थी ने कहा कि जब पहला पेपर ही लीक हो गया तो इसकी क्या गारंटी है कि दूसरा पेपर लीक नहीं हुआ हो. महिला ने भावुक होकर बताया कि जिस परीक्षा की तैयारी कर रही हूं, उसका पेपर लीक हो जा रहा है. किसी एग्जाम में बढ़िया से नंबर ले आओ लेकिन बाद में पता चलता है कि परीक्षा ही रद्द हो गई. उन्होंने कहा कि वो 6 हजार रुपये लगाकर परीक्षा देने पहुंची थीं. ऐसे में घरवाले कब तक हमें मदद करते रहेंगे.

दौसा में एक गर्ल्स स्कूल के परीक्षा केंद्र अधीक्षक ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि आज GK का पेपर था. उन्होंने बताया,

“हमें जो GK पेपर का जो डब्बा मिला उस पर सेंटर कोड लिखा था. लेकिन जब डब्बा खोलने के बाद एग्जाम पेपर्स पर सेंटर कोड नहीं लिखे थे. हमने जिला प्रशासन को बताया. फिर उन्होंने पेपर कैंसिल होने की जानकारी दी.”

नहीं थम रहा है पेपर लीक का सिलसिला

अब पेपर लीक के उस सिलसिले की बात करते हैं जिसकी चर्चा शुरुआत में की थी. राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में पिछले कुछ सालों में कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए. हर बार कार्रवाई और कुछ गिरफ्तारियां हुई लेकिन ये सिलसिला जारी है. 12 नवंबर 2022 को वनपाल एवं वनरक्षक भर्ती की परीक्षा हुई थी. परीक्षा देने के बाद अभ्यर्थी घर पहुंचे तो पता चला कि सोशल मीडिया पर ऑन्सर शीट वायरल है. पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया. राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग ने 12 नवंबर को हुई दूसरी पारी की परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया था.

इसी तरह लोवर डिविजन क्लर्क (LDC) के 1760 पदों के लिए 13 मार्च 2022 को परीक्षा हुई थी. मई में रिजल्ट भी आ गया था. लेकिन परीक्षा में धांधली की शिकायतों के बाद राजस्थान हाई कोर्ट ने जून 2022 में भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया था.

इसी साल राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा भी रद्द कर दी गई थी. राजस्थान पुलिस ने कॉन्स्टेबल के 4438 पदों पर भर्ती निकाली थी. 13 से 16 मई 2022 तक इस भर्ती की परीक्षा आयोजित होनी थी. 14 मई को दूसरे शिफ्ट का पेपर लीक हो गया था. जिसके बाद इसे रद्द कर दिया गया था. इस मामले में 22 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई.

राजस्थान सरकार ने फरवरी में REET लेवल 2 की परीक्षा रद्द कर दी थी. पिछले साल सितंबर में 32 हजार पदों के लिए लाखों छात्र परीक्षा में बैठे थे. REET यानी Rajasthan Eligibility Examination for Teachers. इस परीक्षा के जरिए ही तय होता है कि आप शिक्षक बनने के योग्य हैं या नहीं. लेवल-2 यानी कक्षा 6 से 8 तक के लिए 16 हजार 500 पद थे. मामले की जांच में पता चला था कि परीक्षा से दो दिन पहले ही पेपर लीक हो गया था. REET पेपर लीक मामले में 100 से अधिक गिरफ्तारी हुई थी.

अभी जिन परीक्षाओं के बारे में गिनाया है वो सिर्फ बीते एक साल में आयोजित हुई परीक्षाओं के बारे में है. बाकी आप समझ सकते हैं.

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा- कड़ी कार्रवाई होगी, बाकी पेपर तय समयानुसार

पेपर रद्द होने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, “बाकी परीक्षाएं यथावत जारी रहेंगी. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए सरकार ने कड़े कानून बनाए हैं. पूरे देश में पेपर लीक करने वाले गैंग पनप गए हैं, राजस्थान में सख्त कार्रवाई कर दोषियों को जेल में डाला जाएगा. मैं परीक्षारथियों की दिक्कतों को महसूस करता हूं, लेकिन अनुचित तरीकों को अपनाकर पास होने वालों के मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जा सकता.

रात में ही मिल गई थी जानकारी

उदयपुर एसपी विकास शर्मा ने बताया किस पेपर लीक को लेकर जानकारी रात में मिल गई थी. पुलिस ने सवेरे उदयपुर के पास एक बस को को पकड़ा जिसमें 44 अभ्यर्थी पेपर सॉल्व करते हुए पाए गए. सभी को हिरासत में ले लिया गया है.

परीक्षा के निरस्त होने के चलते परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे अभ्यर्थियों को बाहर ही रोक दिया गया. शनिवार सुबह 9 से 11 तक यह परीक्षा होनी थी. ये परीक्षा प्रदेश के 1193 परीक्षा केंद्रों पर होनी थी.

बीजेपी ने साधा राज्य सरकार पर निशाना

द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले पर भाजपा ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है.प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहां कि 2018 में काबिज हुई कांग्रेस सरकार ने किसानों के सपने तोड़े और बड़ा पाप किया है, बार–बार नौजवानों के सपने तोड़े है.

अशोक गहलोत को इस बारे में प्रायश्चित करना चाहिए, वाइट पेपर पब्लिश करना चाहिए, संगठित नकल माफिया गिरोह और जितने लोग दोषी हैं उन सभी को सख्त सजा मिलनी चाहिए, प्रदेश के युवाओं को न्याय मिलना चाहिए- सतीश पूनिया

भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि राजस्थान के युवाओं की मेहनत पर डाका डालने वाले, अपने नजदीकी डकैतों को बचाने वाले प्रदेश के मुखिया जी आखिर कब तक दिखावे का कानून बनाकर ढोंग करते रहोगे? पहले भी रीट, SI, जेईएन, कांस्टेबल पेपर मामले को लेकर सीबीआई जांच की मांग हो चुकी हैं, लेकिन राज्य सरकार ने अनुशंसा नहीं की, क्योंकि सरकार बड़े मगरमच्छों को बचाना चाहते हैं. दुर्भाग्यपूर्ण है कि युवाओं के साथ छल हो रहा है व सरकार गहरी नींद में सो रही है.

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