01/10/2022
देश राजनीति राजस्थान

सरकार का यह कैसा सुशासन : गलती किसी और की, खमियाजा भुगत रहे किसान

नागौर. सरकार चाहे केन्द्र की हो या राज्य की, दोनों ही किसान हितैषी होने के साथ सुशासन का दावा कर रही है, लेकिन नागौर जिले के सैकड़ों किसान किसी और की गलती के कारण पिछले दो साल से फसल बीमा क्लेम से वंचित हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि किसानों की शिकायत के बाद कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन ने जांच में इस बात को स्वीकार कर लिया है कि गलती बैंकों के स्तर पर हुई है, इसके बावजूद न तो किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई हो रही है और न ही किसानों को क्लेम दिया जा रहा है। बैंकों द्वारा बरती जा रही लापरवाही की पराकाष्ठा इस कदर है कि गलती करने के बावजूद बैंकर्स जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को जवाब तक नहीं दे रहे हैं।

कृषि आयुक्त के पत्र पर साढ़े छह माह बाद भी कार्रवाई नहीं
नागौर जिले में किसानों का फसल बीमा करने वाले विभिन्न बैंकों द्वारा खरीफ-2019 व खरीफ-2020 में पॉलिसी सृजन के समय की गई गलती/भूल को सुधारने के लिए राजस्थान सरकार कृषि विभाग के आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश ने 24 सितम्बर 2021 को बैंक वार की गई गलतियों की सूची के साथ भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को पत्र लिखा। खास बात यह है कि ये पत्र भी कृषि आयुक्त ने पीएमएफबीवाई अध्यक्षता वाली कमेटी के निर्देश पर भेजा गया था, ताकि गलतियों को सुधारकर किसानों को राहत दी जा सके, लेकिन साढ़े छह माह बाद भी किसानों को कोई राहत नहीं है।
नागौर को-ऑपरेटिव बैंक ने सबसे ज्यादा गड़बड़ी
कृषि आयुक्त ने पत्र में विभिन्न बैंकों से जुड़े 294 किसानों की सूची भेजी, जिसमें 142 खरीफ-2019 के तथा 152 खरीफ-2020 के थे। किसानों के आवेदनों में गलत जानकारी भरने वाले बैंकों में 12 बैंकों के नाम हैं, इसमें सबसे अधिक गड़बड़ी नागौर को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक द्वारा की गई। बैंक की नागौर शाखा ने वर्ष 2019 में 67 तथा 2020 में 64 किसानों के आवेदन में गलत जानकारी भरी। जबकि जायल शाखा ने वर्ष 2020 में 70 किसानों के आवेदन में गलत जानकारी भरी। इसी प्रकार लीड बैंक की भूमिका निभा रहे यूको बैंक ने भी वर्ष 2019 में 48 किसानों के आवेदनों में गलत जानकारी भर दी। इसके अलावा आईसीआईसीआई, एसबीआई, पीएनबी आदि ने भी किसानों के आवेदन भरने में लापरवाही बरती।
कृषि विभाग ने 553 प्रकरण लीड बैंक को भेजे
फसली बीमा के बकाया प्रकरणों को लेकर खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल द्वारा जिला परिषद की बैठक में उठाए गए मुद्दे पर कृषि विभाग के उप निदेशक हरीश मेहरा ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके पास कुल 835 शिकायतें आईं, जिनमें से 282 प्रकरणों को निस्तारण करने के लिए राज्य स्तर पर गठित कमेटी के समक्ष पेश कर दिए। शेष 553 कृषकों की शिकायतों का निस्तारण करने के लिए 24 नवम्बर 2021 को जिला अग्रणी बैंक अधिकारी यूको बैंक को लिखा गया, लेकिन लीड बैंक अधिकारी ने अब तक जवाब नहीं दिया है।
सिणोद का पूनाराम दो साल से लिख रहा पत्र पर पत्र
नागौर पंचायत समिति के सिणोद गांव निवासी किसान पूनाराम खरीफ-2019 में हुए खराबे का क्लेम लेने के लिए पिछले दो साल से पत्र पर पत्र लिख रहा है। पूनाराम की जागरुकता के चलते कृषि विभाग व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी काफी पत्र उच्चाधिकारियों को लिखे हैं। पूनाराम ने बताया कि उसके बीमा आवेदन में पटवार हल्का सिणोद की जगह कंवलीसर अंकित कर दिया, जिसके चलते फसल खराबा होने के बावजूद अब तक उसे क्लेम नहीं मिला है। पूनाराम ने इस सम्बन्ध में हर स्तर पर शिकायत दर्ज करवाई है, लेकिन राहत अभी तक नहीं मिली है।

Related posts

मारे गए मूसेवाला की हत्या से जुड़े दोनों आरोपी ,पुलिस और गैंगस्टर्स के बीच एनकाउंटर खत्म : पंजाब

Such Tak

29 और कोरोना पॉजटिव जिला हमीरपुर में

Web1Tech Team

कांग्रेस का हाथ छोड़ साइकिल पर सवार हुए सिब्बल : फिर टूटी कांग्रेस

Such Tak