06/10/2022
देश राजस्थान हाडोती आँचल

देवा गुर्जर उर्फ देवा डॉन की हत्या से जुड़ा अहम खुलासा, पहली बार सामने आया लिखित बयान

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा कस्बे में 4 अप्रैल को गैंगवार में हिस्ट्रीशीटर देवा गुर्जर उर्फ देवा डॉन की हत्या हुई थी। अब हत्या के 5 दिन बाद हत्या के पीछे की असल वजह सामने आई है। हत्या के 8 दिन पहले इस बारे में देवा गुर्जर ने पुलिस को एक चिट्‌ठी लिखी थी। इसी चिट्‌ठी में उसकी हत्या की संभावित वजह का भी जिक्र किया गया था। पुलिस को इस चिट्‌ठी में 6 लोगों के नाम भी लिखित में दिए थे। साथ ही देवा गुर्जर ने यह भी साफ कहा था कि इन 6 लोगों के खिलाफ उसके पास सबूत भी हैं। ये सबूत देवा गुर्जर के मोबाइल में रिकॉर्ड हैं।
दरअसल, देवा गुर्जर को बदमाशों ने रावतभाटा प्लांट में ठेका नहीं लेने और जान से मारने की धमकी दी थी। देवा गुर्जर को यह धमकी 23 मार्च को शाम के समय मिली थी। तब वह कोटा जिले में स्थित अपने पैतृक गांव बोराबास में मौजूद था। उसके दो मोबाइल फोन पर बदमाशों ने रावतभाटा प्लांट में ठेका नहीं लेने के लिए धमकाया था। साथ ही जान से मारने की धमकी दी थी।

10 लाख रुपये की मांग, धमकाने वाले 6 लोगों के नाम लिखे
बदमाशों ने देवा गुर्जर से 10 लाख रुपए की भी डिमांड की थी। रावतभाटा प्लांट में ठेका नहीं लेने और जान से मारने की धमकी मिली थी। देवा गुर्जर ने कोटा शहर जिला पुलिस के यहां आरके पुरम थाने में 26 मार्च को बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और बदमाशों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। देवा गुर्जर ने रिपोर्ट में उसे धमकाने वाले बदमाशों के नाम लिखे थे। देवा ने आरकेपुरम थाने में दी रिपोर्ट में बताया था सावरा गुर्जर, भैरु गुर्जर, कालू गुर्जर, रमेश गुर्जर, बंशीलाल बंजारा और चैनसिंह ने उसे धमकाया था कि रावतभाटा प्लांट में वह ठेका नहीं लेगा। ठेका नहीं लेनेकी धमकी के साथ जान से मारने की भी धमकी बदमाशों ने उसे दी थी।
पुलिस के एएसआई सुरेश को करनी थी जांच
देवा ने 26 मार्च को पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया था कि भैरू गुर्जर हत्या का अपराधी रह चुका है। देवा गुर्जर ने पुलिस को यह भी बताया था कि मेरे को जान माल का खतरा है ऐसे में पुलिस उक्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। देवा गुर्जर ने पुलिस को दी रिपोर्ट में स्पष्ट किया था कि वह रावतभाटा प्लांट में लेबर सप्लाई कंस्ट्रक्शन का काम करता है। बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट देवा गुर्जर ने कोटा शहर जिला पुलिस के आरकेपुरम थाना प्रभारी के नाम दी थी। और इसी दिन एएसआई सुरेश को मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी जारी किए गए थे। देवा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में अपनी उम्र 33 साल बताई थी।
धमकी देने के 13 दिन व रिपोर्ट देने के 8 दिन बाद मर्डर
देवा गुर्जर या देवा डॉन को बदमाशों ने हत्याक के 13 दिन पहले 23 मार्च को मोबाइल पर धमकी दी थी। उसे रावतभाटा प्लांट में ठेका नहीं लेने और जान से मारने की धमकी देकर धमकाया था। देवा ने बदमाशों के खिलाफ कोटा शहर के आरके पुरम थाने में हत्याकांड के 8 दिन पहले 26 मार्च को रिपोर्ट दी थी।
पहले कोई कार्यवाही नहीं, अब SIT कर रही हैं जांच
देवा गुर्जर की रिपोर्ट पर अगर पुलिस समय रहते बदमाशों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करती, तो आज देवा गुर्जर की हत्या नहीं होती। देवा गुर्जर को 4 अप्रैल को रावतभाटा कस्बे के कोटा बैरियर चौराहे पर स्थित एक सैलून में सेविंग बनवाते समय बदमाशों ने उस पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर मौत के घाट उतारा था। और इसके बाद सोशल मीडिया पर देवा गुर्जर की हत्याकांड ट्रेंड हुआ। उसके बाद मामला गरमाया। हत्या के बाद बोराबास गांव में दिनभर कोटा रावतभाटा सड़क मार्ग जाम रहा। एक रोडवेज बस को देवा गुर्जर के चाहने वालों ने आग लगाकर फूंक दी थी। एक रोडवेज बस में तोड़फोड़ कर दी थी। कोटा एमबीएस अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान लाठीचार्ज और पथराव हुआ। ऐसे में राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 सदस्य एसआईटी टीम का गठन किया। जो पूरे मामले की अब जांच पड़ताल कर रही है। 9 बदमाशों को इस हत्याकांड के जुर्म में पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। जो पुलिस रिमांड पर चल रहे हैं।

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