25/09/2022
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खान मंत्री प्रमोद भाया की भरत सिंह को सीधी सपाट भाषा में दो टूक

 

कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने सीएम गहलोत से की खनन मंत्री को बर्खास्त करने की मांग पर मंत्री प्रमोद भाया ने पहली  बार वक्तव्य दिया हे अपने तरफ से जारी  किये प्रेस नोट में खान मंत्री भाया ने भरत सिंह को सीधी सपाट भाषा में दो टूक जवाब दिया हे  मंत्री  भाया ने बयान जारी करते हुए कहा की बहस का विषय यह नहीं है, की हमारी पार्टी के सीनियर सांगोद विधायक श्रीमान भरतसिंह जी द्वारा मुझ पर आरोप लगाए गए। वह तो हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, जिनकी बात या आपत्ति का बुरा नहीं मानना सीख लिया। लेकिन बड़ी उल्लेखनीय बात यह है, कि प्रदेश भर में अवैध खनन से लेकर अन्य समस्त कोर गतिविधियों सहित राजस्व वसूली में हमारी सरकार ने आलोच्य कार्यकाल में, जो प्रतिमान स्थापित कर दिए, वैसा पिछली भाजपा सरकार से नहीं हो सका और तभी तो भारत सरकार ने हमारे खनिज विभाग को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा, जिससे हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री जी को मिल रही अनुमोदना तथा बधाईयों से विपक्ष बौखला गया।
कदाचित हमारे सीनियर मार्गदर्शक आदरणीय सांगोद विधायक श्रीमान भरत सिंह जी कहीं इनके कुप्रचार से प्रभावित हो गए होंगे, जिसके फलितार्थ उनकी नाराजगी जाहिर हुई।

हकीकत यह है, कि मेरे मंत्री कार्यकाल में अवैध खनन के विरूद्व प्रभावी कार्यवाही की गई, जिसका स्पष्ट चित्रण खनन राजस्व में बढोतरी तथा दर्ज प्रकरणों के निम्नांकित मानचित्र से देखा जा सकता है।
गत भाजपा सरकार के 5 वर्ष एवं वर्तमान कांग्रेस सरकार के 43 महिने के कार्यकाल के दौरान खनन ब्लॉकों की नीलामी/खातेदारी भूमि में आवंटन का तुलनात्मक विवरण

यह भी समझना होगा, कि राजस्व तभी बढ़कर आया, जब हमारी सरकार ने अवैध खनन के ऊपर कड़ा अंकुश लगाकर कार्यवाही की। पिछले वित्तीय वर्ष में कोरोना महामारी के बावजूद लक्ष्य से 1000 करोड रूपए अधिक का राजस्व प्राप्त किया गया। अवैध खनन के खिलाफ हमारी सरकार द्वारा समय-समय पर विषेष अभियान भी चलाए गए है। गत अभियान हाल ही में मई 2022 में चलाया गया है जिसमें खान विभाग के साथ-साथ पुलिस, वन, राजस्व एवं परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में गठित विषेष टीमों द्वारा सख्त कार्यवाहियां की गई है।
उसी का परिणाम है कि केंद्रीय खान मंत्री द्वारा लोकसभा में भी बताया गया कि राजस्थान में अवैध खनन के विरूद्व प्रभावी कार्यवाही अमल में लाई गई जिससे अवैध खनन कम हुआ है।
इसीलिए केन्द्र सरकार द्वारा राजस्थान के खान विभाग की गत तीन वर्षाे की उपलब्धियों को स्वीकार करते हुए खुली नीलामी के माध्यम से नये खनन पट्टे आवंटन व खनन राजस्व के क्षेत्र में पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर मात्र 10 दिन पहले ही 13 जुलाई को दिल्ली बुलाकर खान विभाग, राजस्थान एवं मुझे सम्मानित किया गया है।

जहां तक गोडावण का विषय है, इस सम्बन्ध में रिपोर्ट के मुताबिक अवगत कराना चाहूंगा कि सोरसन बारां जिले की वन भूमि का हिस्सा है, लेकिन इस क्षेत्र में गत 20-30 वर्षों में कोई गोडावण नहीं देखा गया और इसी अवधि में झालावाड़, बारां, कोटा जिले विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में राज्य की रीढ़ की हड्डी के रूप में ऊभर कर आये हैं, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में विद्युत लाईनों का जाल बिछ गया है। बिजली लाईन का यह घनघोर नेटवर्क गोडावण के लिए मौत व असमय दुर्घटना का सीधा संदेश हैं। इस क्षेत्र में गोडावण के विकास का कोई भी प्रयत्न बारां के विकास को अवरूद्ध करने जैसा होगा, ऐसे में विद्युत तंत्र यदि समाप्त कर दिया गया तो बारां जिला ही नहीं समूचा राजस्थान प्रदेष विकास की दृष्टि से कई दशक पीछे चला जायेगा। मैं और मेरे साथी बारां के प्रति समर्पित थे, हैं और जीवन पर्यन्त रहेंगे। मेरे कार्यकाल के दौरान बारां जिले के अन्ता विधानसभा क्षेत्र में आने वाले सोरसन वन क्षेत्र में कोई अवैध खनन नही हुआ है।
मैं कांग्रेस पार्टी के प्रति सदैव समर्पित रहा हूं और मैं इस पार्टी को अपनी मां मानता हूं तथा इस दृष्टि से पार्टी में मेरे जितने भी वरिष्ठ कांग्रेसजन हैं मैं उनका मन से सम्मान करता हूं और करता रहूंगा। उनके द्वारा जो विचार व्यक्त किये गये, वे उनके व्यक्तिगत विचार हैं। भारत का संविधान हर इन्सान को अपनी बात कहने और अपने हिसाब से भाषा के उपयोग की स्वतंत्रता प्रदान करता है इसलिए उनके विचार और भाषा पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।

जाने क्या है पूरा मामला

राजस्थान में अवैध खनन के विरोध में आत्मदाह करने वाले साधु के निधन के बाद अब कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से को एक पत्र लिखते हुए खनन मंत्री को बर्खास्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने पत्र में लिख कि प्रदेश के खनन मंत्री प्रमोद भाया को प्रदेश में खनन माफियाओं को काबू में करना है।

लेकिन बड़े खनन माफिया खुद खनिज मंत्री हैं। अवैध खनन का रिकॉर्ड उन्होंने बनाया है। जंगलों, जमीनों, नदियों और नालों की अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए। 12 अन्य जिलों में मंत्री इस तरह से अधिकारियों की नियुक्ति करते रहे हैं। मंत्री के ऑपरेशन के कारण कई लोगों की जान चली गई है।

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