30/09/2023
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कछुआ चाल से हो रहा है ओवरब्रिज का काम, अभी तक हुआ है 35 फीसदी ही काम

शहर के झालावाड़ रोड पर बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज को लेकर निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन भुगतान में देरी व अन्य कारणों से निर्माण की रफ्तार भी धीमी हो गई है। वहीं जिम्मेदारों की ओर से इस मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान कुछ दिन बंद रख आवाजाही के लिए शुरु तो कर रखा है। लेकिन सड़कों को व्यवस्थित तक नहीं किया है। कई जगह गिट्टी उखड़ी हुई तो कई जगह गहरे गड्ढे हो रहे हैं। जिनसे आए दिन वाहनों में टूट फूट व दुर्घटनाएं हो रही है। जिम्मेदारों की अनदेखी का खामियाजा यहां से हर दिन गुजरने वाले करीब 15 हजार से अधिक वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।

आपको बता दें कि झालावाड़ रोड़ तेल फैक्ट्री रेलवे फाटक दिनभर में करीब 50 से अधिक ट्रेनों व माल गाड़ियों की आवाजाही के कारण फाटक बंद होती है। इस दौरान यहां से गुजरने वाले वाले वाहन चालकों को बार-बार फाटक लगने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। दिनभर में कई बार जाम के हालात बनते हैं। ऐसे में यहां कई सालों से ओवरब्रिज निर्माण की मांग उठ रही थी। यहां ओवरब्रिज निर्माण को लेकर स्वीकृति 2016 में मिल गई थी, उसी साल टैंडर फाइनल भी हो गया था। तब संवेदक कंपनी ने ड्राइंग व मिट्टी की जांच के बाद अतिक्रमण चिह्नित किए थे। इसके बाद भी लंबे समय तक काम शुरू नहीं हो पाया। साल 2021 में दुबारा टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अक्टूबर 2021 में आरओबी का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। तब ठेकेदार कंपनी की ओर से कुछ दिन काम कर छोड़ दिया। इसके बाद भी कई महीनों तक काम बंद रहा। चार बार टैंडर की अवधि बढ़ाने के बाद एक फर्म ने आवेदन किया तो उसे टैंडर जारी किया गया।

पिछले साल तीन बार टैंडर करने के बाद जनवरी में काम शुरू हुआ था। लेकिन संवेदक की ओर से निर्माण कार्य काफी धीमी गति से किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि संवेदक कंपनी को यह निर्माण कार्य जून 2024 तक पूरा करना है। लेकिन अब तक मौके पर 30 से 35 फीसदी ही काम हो सका है। कभी बजट तो कभी लैबर की समस्या के कारण ठेकेदार कंपनी की ओर काम बंद कर दिया जाता है। काम की यही रफ्तार रही तो आरओबी निर्माण पूरा होने में काफी देरी हो सकती है। जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से भी निर्माण कार्य को लेकर प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। जिसका खामियाजा शहर की करीब 40 फीसदी जनता को भुगतना पड़ रहा है।

 

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